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गैरकानूनी यूआरएल पर सरकार सख्त, डेढ़ साल में 1,662 को किया गया ब्लॉक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Jul 2018 08:53 AM IST
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सोशल मीडिया में क्षेत्र में चल रहे गैरकानूनी यूआरएल को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार को ऐसे कई यूआरएल मिले हैं, जो गैरकानूनी तरीके से चल रहे थे। भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां से मिले अनुरोध के आधार पर सोशल मीडिया कंपनियों ने पिछले डेढ़ साल में ऐसे कई यूआरएल को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत की गई है।
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मंगलवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री हंसराज अहिर ने खुलासा किया कि सोशल मीडिया कंपनियों को भेजे गए 2,245 अनुरोधों में से 1662 आपत्तिजनक यूआरएल पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है। इनमें फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया कंपनियां शामिल हैं।
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अहिर ने 2017 और 2018 (जून तक) के आंकड़ों के बारे में बताते हुए कहा कि फेसबुक का इस मामले में सबसे अच्छा रिकॉर्ड है। फेसबुक को आपत्तिजनक सामग्री/यूआरएल को बंद करने के लिए भेजे गए अनुरोधों में से लगभग 89 प्रतिशत अनुरोधों पर उसने कार्रवाई करते हुए बंद कर दिया।
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इसके बाद यूट्यूब का नंबर आता है। उसने भी 83.5 फीसदी गैरकानूनी यूआरएल को बंद किया है। इस मामले में इंस्टाग्राम और ट्विटर इनसे काफी पीछे हैं। इन दोनों से क्रमश: 44 और 56 फीसदी गैरकानूनी यूआरएल पर ही कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया है।
अहिर ने कहा कि गैरकानूनी सामग्रियों को रोकने के लिए समय-समय पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सिफारिशें की गई थीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे आपत्तिजनक यूआरएल को बंद करने के प्रतिबद्ध है और समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है।