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अमर उजाला पोलः हां, अलगाववादियों से हो आतंकियों जैसा व्यवहार
टीम डिजिटल
Updated Thu, 08 Sep 2016 05:25 PM IST
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घाटी में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : PTI
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जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को मिल रही सुविधाओं को खत्म करने को लेकर एक बहस इन दिनों बनी हुई है। केंद्र की मोदी सरकार इस बात की गहन समीक्षा कर रही है कि कश्मीर के अलगाववादी नेताओं की सुविधाओं में कटौती की जाए या नहीं। यह मुद्दा कश्मीर के साथ पूरे देश में चर्चा का विषय है।
अमर उजाला ने इस विषय पर रायशुमारी की। हमने अपने ऑनलाइन पोल के जरिए लोगों से पूछा कि क्या अलगाववादी नेताओं की सुविधाएं खत्म कर देनी चाहिए और उनके साथ आतंकियों जैसा व्यवहार करना चाहिए। पोल के परिणाम एक ही उत्तर की तरफ झुके हुए दिखे।
करीब 6100 लोगों ने इस ऑनलाइन पोल में हिस्सा लिया। ज्यादातर का कहना था कि अलगाववादी नेताओं की सुविधाएं तत्काल बंद कर देनी चाहिए और उनके साथ आतंकियों जैसा व्यवहार करना चाहिए।
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पोल में शामिल 90 फीसदी लोगों का कहना था कि ऐसे लोगों को दोषी मानकर उनके साथ आतंकियों जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। उन लोगों की संख्या करीब 9 फीसदी थी जिनका कहना था कि उनके साथ आतंकी जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। सिर्फ एक प्रतिशत लोग ऐसे थे जिनका इस विषय पर कोई मत नहीं था।
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अमर उजाला ने इस विषय पर रायशुमारी की। हमने अपने ऑनलाइन पोल के जरिए लोगों से पूछा कि क्या अलगाववादी नेताओं की सुविधाएं खत्म कर देनी चाहिए और उनके साथ आतंकियों जैसा व्यवहार करना चाहिए। पोल के परिणाम एक ही उत्तर की तरफ झुके हुए दिखे।
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करीब 6100 लोगों ने इस ऑनलाइन पोल में हिस्सा लिया। ज्यादातर का कहना था कि अलगाववादी नेताओं की सुविधाएं तत्काल बंद कर देनी चाहिए और उनके साथ आतंकियों जैसा व्यवहार करना चाहिए।
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पोल में शामिल 90 फीसदी लोगों का कहना था कि ऐसे लोगों को दोषी मानकर उनके साथ आतंकियों जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। उन लोगों की संख्या करीब 9 फीसदी थी जिनका कहना था कि उनके साथ आतंकी जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। सिर्फ एक प्रतिशत लोग ऐसे थे जिनका इस विषय पर कोई मत नहीं था।