फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Government may ease security measures in Jammu and Kashmir to know the mood of people

जम्मू कश्मीर: बकरीद से पहले धारा 144 हटाना चाहती है सरकार, शुक्रवार को पहली परीक्षा

Thu, 08 Aug 2019 03:54 PM IST
शिल्पा ठाकुर जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Thu, 08 Aug 2019 03:54 PM IST
सार

  • शुक्रवार की नमाज और 12 अगस्त को पड़ने वाली ईद-उल-अजहा पर कर्फ्यू में हो सकती है ढील।
  • कश्मीर में शांति भंग की आशंका में 550 से अधिक नेता हिरासत में।
  • घाटी में पाबंदियों के साथ सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा।

विज्ञापन
Government may ease security measures in Jammu and Kashmir to know the mood of people
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए अब बहुत कुछ बदल चुका है। बुधवार को राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए। सुरक्षा के लिहाज से वहां धारा 144 लगी है, लेकिन यहां जो सख्ती देखने को मिल रही है, वह कर्फ्यू से भी ज्यादा है। इंटरनेट सेवा बंद है, स्कूल-कॉलेजों पर ताला लटका है। मुख्य मार्गों और गलियों के मुहाने पर कांटेदार तार लगे हैं। इन परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार ने यहां पर बकरीद से पहले धारा 144 हटाने की योजना बनाई है। 

विज्ञापन


यह जिम्मेदारी भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सौंपी गई है। उन्होंने बुधवार को सड़कों पर आम लोगों से बातचीत कर उनके मन की बात जानी। सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को सरकार की पहली परीक्षा है। इस रोज नमाज के वक्त धारा 144 कुछ समय के लिए हटाने पर विचार हो रहा है। अगर इस दिन सब कुछ ठीक रहता है तो 12 अगस्त को बकरीद के मौके पर सुरक्षा बंदिशें हटाई जा सकती हैं।
विज्ञापन


बता दें कि गृह मंत्रालय जम्मू-कश्मीर में जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कश्मीर घाटी में ही ठहरे हैं। वे सुरक्षा बलों, सिविल प्रशासन और आम लोगों से मिलकर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में जो संकेत मिल रहे हैं, उनके मुताबिक आने वाले दिनों में लोगों को सुरक्षा बंदिशों से राहत मिल जाएगी। चूंकि अभी धारा 144 लागू है, इसलिए कश्मीर के किसी भी हिस्से से विरोध-प्रदर्शन का समाचार नहीं है। फोन, इंटरनेट, मोबाइल और ब्राडबैंड सेवा भी अभी तक चालू नहीं हो सकी हैं। शुक्रवार को नमाज के लिए भारी संख्या में लोग मस्जिदों में पहुंचते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




 सरकार का प्रयास है कि इस दिन धारा 144 हटा ली जाए। इसके लिए हर इलाके के सिक्योरिटी इंटेलीजेंस इनपुट मंगाए जा रहे हैं। वे इलाके जो अति संवेदनशील माने जाते हैं या जहां पर पत्थराव की घटनाएं आम रही हैं, वहां के हर गली-चौराहे की रिपोर्ट ली गई है। डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, कश्मीर, बनिहाल, अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा, शोपियां, बड़गांव, बांदीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा और गांदरबल आदि क्षेत्रों में कई एजेंसियों से अलग-अलग इंटेलीजेंस रिपोर्ट ली जा रही है। अगर इस वक्त जम्मू कश्मीर में लोकल पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की कुल संख्या देखें तो वह ढाई लाख से ज्यादा है। अभी तक नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती तथा पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन सहित करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया है। 

बकरीद पर स्थिति सामान्य करने के लिए जी-जान से जुटी है सरकार, मगर बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, धारा 370 की विदाई के बाद शुक्रवार को सरकार की पहली परीक्षा है। सूत्र बताते हैं कि रविवार को सिविल प्रशासन और सुरक्षा बलों के अधिकारी धारा 144 वाले इलाकों में जाकर लोगों से मिल सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंच-सरपंचों से बात की जा रही है। सरकार चाहती है कि शुक्रवार को बिना किसी भय के लोग नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में आएं। इसके लिए रविवार रात को अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। अगर उसमें सभी तरफ से सकारात्मक रिपोर्ट आती है तो धारा 144 कुछ समय के लिए हटा ली जाएगी। इन सबके बीच सरकार की बड़ी चिंता पाकिस्तान बना हुआ है।


 इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण सोशल मीडिया के सभी माध्यम फ़िलहाल चलन में नहीं हैं। जैसे ही इन माध्यमों से रोक हटती है तो पाकिस्तान की ओर से घाटी में मोबाइल फोन पर शांति व्यवस्था बिगाड़ने वाले संदेशों का आना तय है। इसके अलावा सीमा पर भी पाकिस्तान की ना-पाक हरकत देखने को मिल रही है। पाकिस्तानी सेना द्वारा युद्ध विराम नीति का उल्लंघन और बॉर्डर एक्शन टीम से भारतीय सुरक्षा बलों पर फायरिंग कराना, पाकिस्तान ऐसी कोई भी हरकत कर सकता है। 

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि मौजूदा समय में सीमा पर पाकिस्तान की किसी भी गलत हरकत का जवाब देने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में भी अगर कोई असामाजिक तत्व पाकिस्तान या उसके गुर्गों के बहकावे में आकर गैर कानूनी कदम उठाता है तो उससे निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed