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अदालत की कार्यवाही में लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग बनी हकीकत
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:26 AM IST
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि विभिन्न राज्यों के अनेक ट्रायल कोर्ट और अधिकरणों में सीसीटीवी कैमरों की मदद से न्यायिक कार्यवाही की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू हो गई है।
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इससे पहले शीर्ष अदालत और विभिन्न हाईकोर्ट ने अदालतों में न्यायिक कार्यवाही के दौरान वीडियो रिकॉडिंग की अनुमति देने से इनकार किया था। सुधारवादी दृष्टिकोण अपनाते हुए और पारदर्शिता लाने के लिए 28 मार्च को शीर्ष अदालत ने प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की दो जिला अदालतों में बिना ऑडियो के सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए थे।
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सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को अदालत ने सरकार के प्रयास की सरहना की लेकिन इस प्रक्रिया की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की। अदालत ने पूछा कि डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल और आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल में अभी तक सीसीटीवी क्यों नहीं लगाए गए।
जस्टिस आदर्श गोयल और यूयू ललित की पीठ ने सरकार से लाइव रिकॉर्डिंग को नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड से जोड़ने का संभावनाएं तलाशने को कहा। पीठ ने इस मामले में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में अपडेट स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।