{"_id":"5a0e14e44f1c1b8e698bc084","slug":"government-forms-three-member-panel-for-bhu-vice-chancellor","type":"story","status":"publish","title_hn":"विजय केलकर करेंगे बीएचयू के नए कुलपति की तलाश, सरकार ने बनाई कमेटी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
विजय केलकर करेंगे बीएचयू के नए कुलपति की तलाश, सरकार ने बनाई कमेटी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Nov 2017 06:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति पद पर योग्य उम्मीदवार की तलाश के लिए केंद्र सरकार ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
विज्ञापन
इस काम की जिम्मेदारी प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और प्रशासक विजय केलकर को दी गई है। कमेटी में आईआईटी के दो डायरेक्टरों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, सर्च सेलेक्शन कमेटी की जिम्मेदारी विजय केलकर के हाथों में होगी, जबकि आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी और आईआईटी गांधीनगर के डायरेक्टर प्रो. सुधीर जैन कमेटी में सदस्य के रूप में सहयोग करेंगे।
विज्ञापन
विजय केलकर को अर्थशास्त्री और प्रशासक के तौर पर बेहतर फैसले लेने के लिए पद्म विभूषण अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। मौजूदा समय में वे कई बड़ी कमेटी और फोरम के चेयरमैन हैं।
इससे पहले 29 सितंबर को मंत्रालय के निर्देश पर विश्वविद्यालय ने कुलपति पद के लिए विज्ञापन निकाला था। इस विज्ञापन के तहत इच्छुक आवेदकों में से कमेटी नामों का चयन करेगी और फिर उनका इंटरव्यू होगा।
कमेटी को यदि योग्य उम्मीदवार मिल जाता है तो उसके नाम का पैनल मंत्रालय को सौंपा जाएगा। मंत्रालय कमेटी के चयनित उम्मीदवारों के पैनल को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर यानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजेगी।
इस पैनल में से राष्ट्रपति कोई एक नाम चयनित करेंगे। हालांकि यदि उन्हें इस पैनल में से कोई नाम पसंद नहीं आता है तो पैनल दोबारा मंत्रालय को भेज दिया जाएगा। इसके बाद कमेटी फिर से आवेदन का विज्ञापन निकालकर योग्य उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया को दोहराएगी।
बता दें कि कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी का कार्यकाल 27 नवंबर को समाप्त हो रहा है। हालांकि कैंपस में विवाद के बाद प्रो. त्रिपाठी अनिश्चितकालीन छुट्टी पर हैं। उनके स्थान पर इन दिनों विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कुलपति का कामकाज संभाल रहे हैं।