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Hindi News ›   India News ›   Government formed a jumbo panel mark Subhas Chandra Bose 125th birth anniversary include PM Modi and 2 former PM and 7 chief ministers

सरकार ने बनाई ये खास 'जंबो' कमेटी, प्रधानमंत्री के अलावा दो पूर्व पीएम, चार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष, सात मुख्यमंत्री और 16 सांसद शामिल

Mon, 18 Jan 2021 06:02 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 18 Jan 2021 06:02 PM IST
सार

प्रधानमंत्री को मिलाकर इस 'जंबो' कमेटी में कुल 85 सदस्य होंगे, जिनमें दस केंद्रीय मंत्री, दो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह व एचडी देवगौड़ा शामिल हैं। इनके अलावा सात राज्यों के मुख्यमंत्री, एक पूर्व सीएम, 16 सांसद व मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष सहित चार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष भी कमेटी में रहेंगे...

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Government formed a jumbo panel mark Subhas Chandra Bose 125th birth anniversary include PM Modi and 2 former PM and 7 chief ministers
PM Narendra Modi paying tribute to Netaji bust - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने एक खास कमेटी गठित की है। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। प्रधानमंत्री को मिलाकर इस 'जंबो' कमेटी में कुल 85 सदस्य होंगे, जिनमें दस केंद्रीय मंत्री, दो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह व एचडी देवगौड़ा शामिल हैं। इनके अलावा सात राज्यों के मुख्यमंत्री, एक पूर्व सीएम, 16 सांसद व मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष सहित चार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष भी कमेटी में रहेंगे।

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इसके अलावा इस कमेटी में क्रिकेटर सौरव गांगुली, अभिनेत्री काजोल, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती और फिल्म निर्माता कौशिक गांगुली सहित भूतपूर्व आर्मी चीफ व पूर्व वायुसेना अध्यक्ष इस कमेटी में अपनी राय रखेंगे। चूंकि यह कमेटी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती का स्मरणोत्सव मनाने की तैयारियों को अंतिम रूप देगी, इसलिए नेताजी की पुत्री सहित परिवार के चार सदस्यों को कमेटी में शामिल किया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर कोलकाता जा सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जाएगी। यही वजह है कि सरकार ने इसके लिए एक राष्ट्रीय कमेटी का गठन किया है। नेताजी के स्मरणोत्सव के लिए यह कमेटी नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों का अनुमोदन करेगी। सभी कार्यक्रमों के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी भी इसी कमेटी को सौंपी गई है।
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समारोह के विस्तृत कार्यक्रम के लिए स्पष्ट तारीखों पर निर्णय लेना, यह काम भी कमेटी का रहेगा। समिति की सिफारिशों पर केंद्र सरकार विचार कर अंतिम निर्णय लेगी। इस कमेटी में जो इतिहासकार व लेखक शामिल किए गए हैं, उन्होंने नीलगंज की घटना को गंभीरता से लिया है। भारत की जमीन पर अंग्रेजों ने 25 सितंबर 1945 की रात को जलियांवाला बाग जैसी क्रूरता को अंजाम दिया था। ब्रिटिश सेना ने पश्चिम बंगाल के नीलगंज इलाके में आजाद हिंद फौज के करीब 2300 सैनिकों पर मशीनगन चलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। तत्कालीन सरकार ने इस घटना को दबाने का भरसक प्रयास किया था। आजादी के बाद यहां भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर जूट एंड एलाइड रिसर्च खुल गया। इस मुद्दे को कई बार उठाया गया, लेकिन केंद्र सरकार इस बाबत कोई निर्णय नहीं ले पाई।

सूत्र बताते हैं कि इस बार केंद्र सरकार नीलगंज की घटना को अधिकारिक तौर पर लोगों के सामने ला सकती है। अभी तक नेताजी की फौज के शहीदों की याद में बने छोटे से स्थल पर फूल चढ़ाने के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट में किसी को अंदर घुसने की इजाजत ही नहीं थी। शहीदों को श्रद्धांजलि देने और लोगों को इस घटना के बारे में पता चले, इस मकसद से सेंट्रल इंस्टीट्यूट में कुछ माह पहले छोटा सा कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत मांगी थी। इंस्टीट्यूट ने इसके लिए मना कर दिया। पिछले दिनों इतिहासकार पूर्वी राय और केंद्र की एक टीम ने यहां का दौरा किया था। संभव है कि आने वाले समय में यहां कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाए।

कमेटी के सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, कृषि मंत्री, महिला एवं बाल विकास और वस्त्र मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री शामिल हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अलावा भूतपूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी, शिवराज पाटिल, मीरा कुमार व सुमित्रा महाजन को भी कमेटी का सदस्य बनाया गया है।

पश्चिम बंगाल, मणिपुर के राज्यपाल व अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा व मेघालय के सीएम और पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य कमेटी के समक्ष अपनी राय रखेंगे। सांसदों में अधीर रंजन चैधरी, गुलाम नबी आजाद, शरद पवार, सुदीप बंदोपाध्याय, भृतहरि महताब, स्वप्न दास गुप्ता, रूपा गांगुली, राजू बिस्ता, राजीव चंद्रशेखर, विधायक सुवेंदु अधिकारी, सांसद सुनील मंडल व दिलीप घोष आदि शामिल हैं।


प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, मंत्रिमंडल सचिव, केंद्रीय गृह सचिव, स्वतंत्रता सेनानी राम खंडवाला, लक्ष्मी कृष्णन, आशा सहाय, जॉन लोबो व ईश्वरलाल सिंह भी सदस्य हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस, भतीजे अर्धंदु बोस, प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस व प्रपौत्री रेणुका मालाकार भी कमेटी में रहेंगे। इतिहासकार वीरा हिल्डेब्रांड, इंटरनेशनल सेंटर फॉर नेताजी आइडियालॉजी के संस्थापक मोहम्मद अशरफुल इस्लाम, संगीत निर्देशक एआर रहमान, पूर्व सेनाध्यक्ष शंकर राय चैधरी, पूर्व वायुसेना प्रमुख अरूप राहा, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती व अभिनेत्री काजोल भी कमेटी में रहेंगी।

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