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केंद्र व राज्यों के सरकारी कर्मियों की ट्रेनिंग 15 जुलाई से होगी शुरू, खुद धोने होंगे कपड़े और करनी होगी सफाई

Sun, 05 Jul 2020 08:39 PM IST
गौरव पाण्डेय जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 05 Jul 2020 08:39 PM IST
सार

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते केंद्र और राज्य सरकारों के सभी ट्रेनिंग संस्थान बंद कर दिए गए थे, अब उन्हें दोबारा से शुरू किया जा रहा है। 15 जुलाई से सैन्य, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, पुलिस और सिविल महकमों का प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले की भांति चलेगा। सभी महकमे अपना-अपना ट्रेनिंग शेड्यूल तैयार कर रहे हैं। 

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Government employees of central and state Government should be ready for training from July 15
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

डीओपीटी (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) ने केंद्र एवं राज्यों में शुरू होने जा रहे ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए विशेष गाइडलाइन जारी कर दी हैं। ट्रेनिंग सेंटर पर आने वाले कर्मियों को अपना कमरा खुद साफ करना होगा। साथ ही उन्हें अपने कपड़े भी स्वयं धोने होंगे। इसके लिए कर्मियों को वाशिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। 

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ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट यह प्रयास करेगा कि हर एक कर्मी को रहने के लिए अलग से कमरा मिले। यदि किसी परिस्थिति में यह संभव नहीं हो पाता है तो एक कमरे में दो से अधिक कर्मी नहीं ठहराए जाएंगे। ट्रेनिंग के दौरान कर्मियों को कहीं बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्हें जो कमरा आवंटित किया जाएगा, वे उसी में रहेंगे।

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लॉकडाउन की शुरुआत के साथ लग गई थी रोक

केंद्र और राज्य सरकारों ने मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही सभी तरह के ट्रेनिंग कार्यक्रमों पर रोक लगा दी थी। सुरक्षा बलों की सामान्य ट्रेनिंग, प्रमोशन कोर्स व विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम टाल दिए गए थे। इन हाउस ट्रेनिंग और रिफ्रेशर कोर्स भी स्थगित कर दिए गए थे। अब 15 जुलाई से ऐसे सभी कोर्स दोबारा शुरू हो रहे हैं। 

डीओपीटी ने अपनी गाइडलाइन में कहा है कि प्रत्येक विभाग यह कोशिश करे कि ट्रेनिंग कार्यक्रम ऑनलाइन हो। यदि उसमें शारीरिक क्षमता वाला हिस्सा है तो उसके लिए सावधानी बरतते हुए प्रशिक्षण चालू किया जाए। इसका अलग से शेड्यूल तैयार करें और इसे केंद्र और राज्य सरकार के नोडल अधिकारी के पास भेजें। 

आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा अनिवार्य

गाइडलाइन में कहा गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और हैंडवॉश जैसी बातें ट्रेनिंग शुरू होने से पहले ही बता दी जाएं। क्लास, हॉस्टल, कॉरिडोर, लॉबी और स्टाफ रूम को कैसे साफ करें, इसके लिए अलग से बताया गया है। ट्रेनिंग सेंटर पर आने वाले हर कर्मी के लिए आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। 

इतना ही नहीं, सेंटर पर अलग से एक अधिकारी नियुक्त होगा, जिसका काम केवल यह चेक करना होगा कि सभी कर्मी आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल ठीक तरह से कर रहे हैं या नहीं। 

सभी ट्रेनिंग सेंटर पर कम से कम एक योग्य डॉक्टर होना चाहिए। क्वारंटीन सुविधा अलग से होगी। लोकल अस्पताल और एंबुलेंस के साथ संपर्क रखना होगा। ट्रेनिंग सेंटर पर बाहर से आने वाले लोगों का प्रवेश वर्जित रहेगा। सुरक्षा के लिहाज पर हर गेट पर थर्मल स्कैनर लगाए जाएंगे। टच फ्री (स्पर्श मुक्त) हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी।

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गर्भवती महिलाओं को आने की जरूरत नहीं

अगर ट्रेनिंग लेने वालों की सूची में गर्भवती महिला या बच्चे को स्तनपान कराने वाली कर्मी का नाम शामिल है तो उसे सेंटर पर आने की जरूरत नहीं होगी। किसी कर्मी को उच्च रक्तचाप है या दिल की बीमारी है तो उसे ट्रेनिंग सेंटर पर आने से छूट मिलेगी। इन सभी के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग का इंतजाम किया जाएगा। 

केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर एक ट्रेनिंग सेंटर पर कोविड प्रबंधन के लिए नोडल अफसर है या नहीं। हर हालत में किसी एक जिम्मेदार अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्ति करना होगा। ट्रेनी और स्टाफ, दोनों को अपने स्वास्थ्य की केस हिस्ट्री देनी होगी। 

कर्मियों को खुद साफ करना होगा अपना कमरा

ट्रेनिंग सेंटर पर आने वालों को एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन से लाने के लिए वाहन का इंतजाम करना होगा। ऐसे कर्मी पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नहीं आएंगे। सभी कर्मियों को अपना कमरा खुद साफ करना होगा। ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि कोरोना संक्रमण के फैलने की गुंजाइश ही खत्म हो जाए। 

यदि वहां पर कोई सफाई कर्मी आता है तो वह सभी के कमरे एक साथ साफ करेगा। इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। इसी वजह से कमरा साफ करने और कपड़े धोने की जिम्मेदारी स्वयं कर्मचारी को वहन करनी होगी। सेंटर में मौजूद जिम और स्वीमिंग पूल आदि सुविधाएं बंद रहेंगी। 

ट्रेनिंग सेंटर पर आने वालों को अपनी फिटनेस बरकरार रखनी होगी। इसके लिए सेंटर पर विशेषज्ञ की व्यवस्था की जाएगी। कर्मियों को केवल योग करने की इजाजत होगी। ट्रेनिंग खत्म होने से पहले प्रशिक्षक और ट्रेनी, संस्थान से बाहर न जाएं, यह सुनिश्चित करना होगा। हालांकि, आपात स्थिति में आने-जाने की इजाजत दी जा सकती है।

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