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वृद्धों, दिव्यांगों और विधवा पेंशन में पांच गुना का इजाफा करने की तैयारी में सरकार
Sun, 30 Dec 2018 05:28 AM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 30 Dec 2018 05:28 AM IST
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देश के तीन करोड़ वृद्ध, दिव्यांग और विधवाओं को मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को दो सौ रूपये से बढ़ाकर एक हजार करने जा रही है। केंद्र सरकार की सामाजिक सरोकार के तहत मिलने वाली यह पेंशन इस बढ़ोत्तरी से पांच गुना बढ़ाकर मिलेगी। इसके लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की 15 जनवरी को बैठक है। इसकी सदारत केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव करेंगे।
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केंद्र सरकार सामाजिक सरोकार के तहत दिव्यांगों, बुर्जगों और विधवाओं को पेंशन देती है। इस समय देश में तीन करोड़ पेंशनधारी हैं। इसमें 2.40 बुजुर्ग, 60 लाख विधवाएं और 10 लाख दिव्यांग हैं। इन्हें अभी तक केंद्र सरकार से न्यूनतम दो सौ और अधिकतम 500 रुपये पेंशन मिलती है, जिसे बढ़ाकर एक हजार करने की योजना है। इसमें बढ़ोत्तरी को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है।
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इसके चलते पिछले एक साल से केंद्र सरकार वृद्धावस्था और विधवा पेंशन को नए कलेवर के साथ लाने की तैयारी कर रही है। इसमें अब तक तीन बैठकें हो चुकी है। इसकेलिए ग्रमीण विकास मंत्रालय ने सामाजिक आर्थिक जनगणना के आकड़ों के आधार पर 48 हजार करोड़ रूपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
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ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सदस्य राज्यों के अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आमंत्रित किया गया है। सभी हिस्सेदारों को बैठक में बुलाने के पीछे सरकार की मंशा एक फार्मूला तैयार करने की है। इसमें 60/40 के बजाए 50 फीसदी बराबर शेयर राज्य और केंद्र सरकार वहन करेगी।
वर्तमान में दिल्ली, हरियाणा और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में जहां केंद्र से मिलने वाले अनुदान में राज्य अपनी ओर से बढ़ी राशि जोड़कर वृद्धावस्था पेंशन के रूप में सीनियर सिटिजन को 1000 रुपये महीने से अधिक की रकम देते हैं। वहीं हिमाचल, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और यूपी में तीन सौ रूपये से साढ़े छह सौ रूपये अधिकतम पेंशन के रूप में दिए जाते हैं। बढ़ी हुई पेंशन का लाभ एक अप्रैल 2019 से मिलेगा। इसे लागू करने के बाद केंद्र सरकार के खजाने पर हर साल लगभग पचास हजार करोड़ रुपयों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।