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Nano DAP: नैनो यूरिया के बाद अब नैनो डीएपी को मंजूरी, केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने किया एलान
Sat, 04 Mar 2023 03:26 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 04 Mar 2023 03:26 PM IST
सार
यूरिया के बाद डीएपी देश की दूसरी सबसे ज्यादा खपत वाली खाद है। जानकारी के मुताबिक, लगभग 10 से 12.5 मिलियन टन सालाना इसकी खपत होती है। जबकि, डीएपी का उत्पादन केवल चार से पांच मिलियन टन ही है।
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Nano DAP, Mansukh Mandaviya
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत सरकार ने नैनो यूरिया के बाद अब नैनो डीएपी (DAP) को भी हरी झंडी दिखा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'उर्वरक में आत्मनिर्भरता की तरफ एक ओर बड़ी उपलब्धि! भारत सरकार ने नैनो यूरिया के बाद अब नैनो DAP को भी मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन आत्मनिर्भर भारत के तहत यह सफलता किसानों को अत्यधिक लाभ देने वाली है। अब एक बैग DAP भी, एक बोतल DAP के रूप में मिलेगी।
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डीएपी दूसरी सबसे ज्यादा खपत वाली खाद
यूरिया के बाद डीएपी देश की दूसरी सबसे ज्यादा खपत वाली खाद है। जानकारी के मुताबिक, लगभग 10 से 12.5 मिलियन टन सालाना इसकी खपत होती है। जबकि, डीएपी का उत्पादन केवल चार से पांच मिलियन टन ही है। देश में बाकी डीएपी आयात किया जाता है। केंद्र सरकार ने इफको के बनाए डीएपी को फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर में शामिल किया है। बता दें, फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर, वह कानून है जो देश में खादों की बिक्री, मूल्य, वितरण को नियंत्रित करता है। फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर में शामिल होने से इसके व्यवसायिक रिलीज का रास्ता भी साफ होने वाला है। केंद्र सरकार के इस कदम का सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होने वाला है।
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अभी तक बोरी में मिलती थी डीएपी
बता दें, किसानों को अभी तक डीएपी बोरी में मिलती थी, जिससे इसके ढुलाई में समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नैनो डीएपी बोतल में आने से इसे उतनी ही मात्रा में आसानी से लाया जा सकेगा। साथ ही इस कदम के बाद डीएपी की कीमतों में भी कमी आने की संभावना बन गई है।
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