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MIB: सरकार ने निजी TV चैनलों को लोक महत्व की सामग्री साझा करने की दी इजाजत, मासिक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश
Mon, 30 Jan 2023 10:16 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 30 Jan 2023 10:16 PM IST
सार
परामर्श में कहा गया, विज्ञापन के अंतराल के बीच लोक महत्व से जुड़ी सामग्री जिस अवधि के लिए प्रसारित की जाती है, उस पर वाणिज्यिक विराम के लिए निर्धारित 12 मिनट की समय सीमा लागू नहीं होती।
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विस्तार
केंद्र सरकार ने सोमवार छूट देते हुए कहा कि निजी प्रसारकों द्वारा प्रसारित 30 मिनट की दैनिक अनिवार्य सार्वजनिक सेवा को अन्य टेलीविजन चैनलों द्वारा प्रसारित कार्यक्रमों में शामिल किया जा सकता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने एक परामर्श में यह भी कहा कि सार्वजनिक सेवा प्रसारण सामग्री लगातार 30 मिनट की नहीं होनी चाहिए और इसे छोटे समय (कुछ मिनट) के स्लॉट में तैयार किया जा सकता है।
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पेश करनी होगी प्रसारण सेवा पोर्टल पर मासिक रिपोर्ट
परामर्श में कहा गया, विज्ञापन के अंतराल के बीच लोक महत्व से जुड़ी सामग्री जिस अवधि के लिए प्रसारित की जाती है, उस पर वाणिज्यिक विराम के लिए निर्धारित 12 मिनट की समय सीमा लागू नहीं होती। निजी प्रसारकों को प्रसारण सेवा पोर्टल पर मासिक रिपोर्ट पेश करनी होगी।
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आठ विषयों के तहत हर दिन 30 मिनट सामग्री प्रसारित
मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में निजी टेलीविजन चैनल को नए सेवा दायित्वों के तहत राष्ट्रीय महत्व के और सामाजिक प्रासंगिकता रखने वाले आठ विषयों के तहत हर दिन 30 मिनट के लिए ये सामग्री प्रसारित करने को कहा था।
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आधी रात से सुबह छह बते तक सामग्री के प्रसारण पर रोक
सरकार ने आधी रात से सुबह छह बजे के बीच इस सामग्री के प्रसारण पर भी रोक लगा दी है। राष्ट्रीय महत्व और प्रासंगिक सामाजिक विषयों की सूची में जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों को भी जोड़ा गया है।
ई-मंच तैयार करने की अनुमति
सरकार ने जन कल्याणकारी सामग्री के प्रसारण के उद्देश्य से प्रासंगिक वीडियो या विभिन्न स्रोतों से सामग्री के भंडार के रूप में एक साझा ‘ई-मंच’ तैयार करने की भी अनुमति दी है, जिसे टेलीविजन चैनल की की ओर से उपयोग किया जा सकता है।