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केंद्रीय कर्मियों के लिए सरकारी आवास लेना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाया किराया

Fri, 03 Jul 2020 07:58 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 03 Jul 2020 07:58 PM IST
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Government accommodation for central officers and personnel becames expensive, Ministry of Urban Development hike rent
ministry of housing and urban affairs - फोटो : mohua
केंद्र सरकार के अधिकारियों और कर्मियों के लिए सरकारी आवास लेना महंगा हो गया है। शहरी विकास मंत्रालय ने अब इन मकानों का किराया बढ़ा दिया है। जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन, रुल्स 2017 के नियम 74 के अनुसार किराए की बढ़ी हुई दरें एक जुलाई से लागू हो गई हैं।
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शहरी विकास मंत्रालय की एस्टेट शाखा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।


मंत्रालय के अनुसार, आवास टाइप 1, जिसमें 30 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक डेढ़ सौ रुपये देने होते थे। अब वह राशि 180 रुपये हो गई है। यह रेट सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 1 के लिए है।

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आवास टाइप 2, जिसमें 26.5 से 50 वर्ग मीटर का स्पेस रहता है, उसके लिए 310 रुपये की मौजूदा दरों को बढ़ाकर 370 कर दिया गया है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 2,3,3 व 5 के लिए है।
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आवास टाइप 3, जिसमें 44 से 65 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 470 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 560 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 6,7 व 8 के लिए है।
 

आवास टाइप 4, जिसमें 59 से 91.5 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 630 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 750 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 9,10 व 11 के लिए है।

आवास टाइप 4 स्पेशल, जिसमें 59 से 91.5 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 670 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 790 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 11 के लिए है।
 

आवास टाइप 5ए, जिसमें 106 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 1180 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 1400 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 12 के लिए है।

आवास टाइप 5बी, जिसमें 106 वर्ग मीटर से बड़ा आवास मिलता है, उसके लिए अभी तक 1260 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 1490 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 13 व 13ए के लिए है।

आवास टाइप 6ए, जिसमें 159.5 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 1550 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 1840 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 14 के लिए है।
 

आवास टाइप 6बी, जिसमें 159.5 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 1860 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 2200 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 15 के लिए है।

आवास टाइप 7, जिसमें 189.5 से 224.5 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 2180 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 2580 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 15 के लिए है।

आवास टाइप 8, जिसमें 243 से 522 वर्ग मीटर का मकान मिलता है, उसके लिए अभी तक 3890 रुपये देने होते थे। अब वह राशि 4610 रुपये हो गई है। यह किराया सातवीं सीपीसी के पे मैट्रिक्स स्तर 17 व 18 के लिए है।
 

सर्वेंट क्वार्टर के लिए अभी 70 रुपये देने होते हैं, जबकि बढ़े हुए रेटों में यह किराया 80 रुपये हो गया है। गेराज का किराया 40 से 50 रुपये कर दिया गया है। सुइट यानी कमरों का सेट, इसके रेटों में भी बदलाव किया गया है।



अभी तक सिंगल रुम वाला सुइट, जिसका लिविंग एरिया 21.5 से 30 वर्ग मीटर है, इसके लिए 400 रुपये देने होते थे। अब वह किराया 470 रुपये कर दिया गया है।

इसमें किचन शामिल नहीं है। यदि किचन साथ लेते हैं तो वह किराया 660 रुपये होगा। अभी इसके लिए 560 रुपये देने पड़ते थे। डबल रुम के लिए यह किराया 770 रुपये था। अब उसे 910 रुपये कर दिया गया है।

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