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चिंताजनक: सुपरह्यूमन एआई 3-5 साल दूर, गूगल डीपमाइंड के CEO हसाबिस बोले- एजीआई से जैविक हथियारों जैसा खतरा
Thu, 16 Jul 2026 04:50 AM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 16 Jul 2026 04:50 AM IST
सार
गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस का मानना है कि मानव जैसी या उससे अधिक क्षमता वाली आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस अगले तीन से पांच वर्षों में विकसित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय और प्रभावी नियम नहीं बने तो यह तकनीक साइबर सुरक्षा और जैविक जोखिम जैसे गंभीर खतरे पैदा कर सकती है।
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सुपरह्यूमन एआई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/प्रिंट
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विस्तार
गूगल डीपमाइंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डेमिस हसाबिस का कहना है कि हम इंसानी इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। अपने निजी ब्लॉग में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) बस कुछ ही साल दूर है। मानव जैसे या उससे बेहतर क्षमता वाला सुपरह्यूमन एआई जल्द ही हकीकत बन जाएगा। इंसानियत की भलाई के लिए दुनिया को सुरक्षा मानकों और सख्त नियमों के साथ तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
नोबेल पुरस्कार विजेता हसाबिस ने कहा कि इंसानी दिमाग की सभी संज्ञानात्मक क्षमताओं से लैस एजीआई अगले तीन से पांच वर्षों के अंदर आ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना उचित सुरक्षा उपायों के विकसित किया गया एजीआई साइबर सुरक्षा और जैविक हथियारों जैसे गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
अभी एआई से जुड़े खतरों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके बजाय, कंपनियों और देशों के बीच एआई हथियारों की वैश्विक होड़ पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम एजीआई के करीब पहुंच रहे हैं, उससे जुड़े खतरों से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
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आग या बिजली की खोज जैसा
हसाबिस ने इस दौर को इंसानियत के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है। एजीआई पर काम करते हुए अपनी पूरी जिंदगी बिताने के बाद, गूगल एआई के बॉस को यकीन है कि अगर इसे जिम्मेदारी से बनाया और इस्तेमाल किया जाए, तो यह अब तक की सबसे फायदेमंद और बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी साबित होगी। उयह बिजली या आग की खोज जैसा ही है। असल में हमने रेत से सोचने की क्षमता पैदा करने का तरीका ढूंढ लिया है। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। यहां रेत का मतलब कंप्यूटर चिप्स (सेमीकंडक्टर) से है, जो मुख्य रूप से सिलिकॉन से बने होते हैं और सिलिकॉन रेत (सिलिका) से ही मिलता है। इस प्रौद्योगिकी के असर का पैमाना अभूतपूर्व होगा, शायद इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन से 10 गुना अधिक और 10 गुना तेजी से।
नई दवाओं की खोज और स्वच्छ ऊर्जा में मददगार साबित होगा
हसाबिस ने कहा, एजीआई हमें समाज की बड़ी समस्याओं को हल करने में मदद करेगा जैसे तेजी से नई दवाएं खोजना, स्वच्छ ऊर्जा के नए स्रोत विकसित करना और नए एडवांस्ड मटीरियल बनाना। हम एक ऐसे मुकाम पर भी पहुंच सकते हैं जहां संसाधन इंसानी तरक्की के लिए रुकावट न रहें, जिससे भरपूर संसाधनों वाला एक शानदार नया दौर शुरू हो। स्पेसएक्स और एआई के संस्थापक एलन मस्क ने भी पहले ऐसी ही बातें कही हैं।
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नोबेल पुरस्कार विजेता हसाबिस ने कहा कि इंसानी दिमाग की सभी संज्ञानात्मक क्षमताओं से लैस एजीआई अगले तीन से पांच वर्षों के अंदर आ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना उचित सुरक्षा उपायों के विकसित किया गया एजीआई साइबर सुरक्षा और जैविक हथियारों जैसे गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
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अभी एआई से जुड़े खतरों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके बजाय, कंपनियों और देशों के बीच एआई हथियारों की वैश्विक होड़ पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम एजीआई के करीब पहुंच रहे हैं, उससे जुड़े खतरों से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
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आग या बिजली की खोज जैसा
हसाबिस ने इस दौर को इंसानियत के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है। एजीआई पर काम करते हुए अपनी पूरी जिंदगी बिताने के बाद, गूगल एआई के बॉस को यकीन है कि अगर इसे जिम्मेदारी से बनाया और इस्तेमाल किया जाए, तो यह अब तक की सबसे फायदेमंद और बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी साबित होगी। उयह बिजली या आग की खोज जैसा ही है। असल में हमने रेत से सोचने की क्षमता पैदा करने का तरीका ढूंढ लिया है। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। यहां रेत का मतलब कंप्यूटर चिप्स (सेमीकंडक्टर) से है, जो मुख्य रूप से सिलिकॉन से बने होते हैं और सिलिकॉन रेत (सिलिका) से ही मिलता है। इस प्रौद्योगिकी के असर का पैमाना अभूतपूर्व होगा, शायद इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन से 10 गुना अधिक और 10 गुना तेजी से।
नई दवाओं की खोज और स्वच्छ ऊर्जा में मददगार साबित होगा
हसाबिस ने कहा, एजीआई हमें समाज की बड़ी समस्याओं को हल करने में मदद करेगा जैसे तेजी से नई दवाएं खोजना, स्वच्छ ऊर्जा के नए स्रोत विकसित करना और नए एडवांस्ड मटीरियल बनाना। हम एक ऐसे मुकाम पर भी पहुंच सकते हैं जहां संसाधन इंसानी तरक्की के लिए रुकावट न रहें, जिससे भरपूर संसाधनों वाला एक शानदार नया दौर शुरू हो। स्पेसएक्स और एआई के संस्थापक एलन मस्क ने भी पहले ऐसी ही बातें कही हैं।