फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Google accept its fault for coded UIDAI helpline into Android devices

आधार पर भूचालः गूगल ने कहा, 2014 से स्मार्टफोन में दे रहे थे टोलफ्री नंबर

Sat, 04 Aug 2018 08:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 04 Aug 2018 08:08 AM IST
विज्ञापन
Google accept its fault for coded UIDAI helpline into Android devices

हजारों स्मार्ट फोन में डिफॉल्ट नंबर के तौर पर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का टोल फ्री नंबर दर्ज होने से शुक्रवार को पूरा दिन मची रही खलबली में देर रात सारी गलती गूगल की निकली। दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक गूगल ने इसके लिए माफी मांगी और कहा कि अनजाने में यूआईडीएआई के पुराने टोल फ्री नंबर 18003001947 समेत 112 अन्य हेल्पलाइन नंबर एंड्रॉयड फोन के ‘सेटअप विजार्ड’ में दर्ज हो गए थे।

विज्ञापन


बता दें कि गूगल ही मोबाइल फोन के लिए एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाती है। इससे पहले शुक्रवार सुबह यूआईडीएआई को इस बारे में अपना स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था। शुक्रवार की सुबह अचानक स्मार्टफोन उपयोग करने वाले हजारों लोगों को फोन बुक चेक करने पर उसमें खुद ही सुरक्षित हो गया यूआईडीएआई के नाम से 11 अंक का नंबर दिखाई दिया। कुछ लोगों ने ट्विटर पर यूआईडीएआई से स्पष्टीकरण मांगने की कोशिश की और इसी दौरान कुछ लोगों ने इसे फोन हैक होने का नतीजा बता दिया। इसके बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विज्ञापन


हालांकि यूआईडीएआई ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा कि 18003001947 उसका ही पुराना टोल फ्री नंबर है, जो अब बंद हो चुका है। अब यूआईडीएआई का टोल फ्री नंबर 1947 है, जो पिछले दो साल से काम कर रहा है। । शुक्रवार को जैसे ही सोशल मीडिया पर यह मुद्दा वायरल होने लगा तो अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की और पाठकों को सही जानकारी दी कि यह नंबर यूआईडीआई की वजह से नहीं बल्कि गूगल की वजह से आपके फोन में सेव हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुक्रवार को ही अमर उजाला ने यह खबर प्रसारित कीमोबाइल की अड्रेस बुक में दिखे आधार का हेल्पलाइन नंबर तो न हों परेशान ।

यह भी पढ़ें- स्मार्टफोन में आधार हेल्पलाइन नंबर की जानकारी देने वाला इलियट एल्डरसन है कौन


2014 से चला आ रहा है नंबर

गूगल के प्रवक्ता ने देर रात जारी बयान में कहा, हमारी आंतरिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2014 में यूआईडीएआई का तत्कालीन टोल फ्री नंबर और 112 अन्य हेल्पलाइन नंबर अनजाने में उस एंड्रॉयड सेटअप विजार्ड में कोड हो गए थे, जो भारत में उपयोग के लिए ओईएम (ऑरिजनल इक्विपमेंट मेन्युफेक्चर्स) को जारी किया गया था और तब से यही सेटअप चला आ रहा है।

बयान में आगे कहा, फोन उपयोगकर्ता की ऑनलाइन कांटेक्ट लिस्ट में जुड़ जाने के कारण ये नंबर एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस पर भी चलते रहे। बयान में कंपनी की तरफ से माफी मांगते हुए वादा किया गया कि अगले कुछ सप्ताह में जारी होने जा रहे नए सेटअप विजार्ड में वे इस गलती को सुधार लेंगे।

फोन हैकिंग का नहीं है मामला

गूगल ने बयान में ये भी स्पष्ट किया कि यह किसी भी तरह से फोन में अवैध तरीके से घुसने या हैकिंग का मामला नहीं है। उपयोगकर्ता चाहे तो अपने फोन से इस नंबर को आसानी से मिटा सकता है। इसके लिए उसे गूगल अकाउंट में जाकर वहां से भी इसे मिटाना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed