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Goa: राज्य दिव्यांग आयोग का एयरपोर्ट के निदेशक को नोटिस, ब्रिटिश नागरिक का कर्मचारियों पर जबरन वसूली का आरोप
Tue, 07 Feb 2023 11:10 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 07 Feb 2023 11:10 PM IST
सार
कैथरीन फ्रांसिस वोल्फ (62 वर्षीय) ने हवाई अड्डा निदेशक, गोवा पुलिस के महानिदेशक और आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी और 29 जनवरी को तटीय राज्य से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे की यात्रा के दौरान अपनी आपबीती सुनाई थी।
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Dabolim international airport
- फोटो : Social Media
विस्तार
गोवा राज्य दिव्यांग आयोग ने मंगलवार को डाबोलिम हवाई अड्डे के निदेशक को नोटिस जारी किया। दरअसल, एक ब्रिटिश नागरिक ने आरोप लगाया था कि हवाई अड्डे के दो कर्मचारियों ने उसे व्हीलचेयर सेवा प्रदान करने के लिए उससे 4,000 रुपये की वसूली की। नोटिस की प्रति के अनुसार, आयोग ने हवाई अड्डे के निदेशक को 13 फरवरी तक कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
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कैथरीन फ्रांसिस वोल्फ (62 वर्षीय) ने हवाई अड्डा निदेशक, गोवा पुलिस के महानिदेशक और आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी और 29 जनवरी को तटीय राज्य से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे की यात्रा के दौरान अपनी आपबीती सुनाई थी।
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उनकी ओर से मिखिल वसंत द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें बताया गया है कि जब वह डाबोलिम हवाई अड्डे पर पहुंचीं, तो प्रबंधक ने उनकी सहायता के लिए व्हीलचेयर और सामान के लिए दो लोगों को सौंपा। लेकिन दोनों ने वोल्फ को हवाई अड्डे में एक स्थान पर रोक दिया और उसे भुगतान नहीं करने पर वहां छोड़ने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद उन्हें व्हीलचेयर सेवा के लिए 4,000 रुपये देने पड़े।
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आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि यह विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसमें कहा गया है कि राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दिव्यांग लोगों और दिव्यांग महिलाओं के साथ भेदभाव न हो और उनके साथ अच्छा व्यवहार हो। इसमें कहा गया है, अधिनियम की धारा 5 में कहा गया है कि सरकार को सामुदायिक सहायता सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। अधिनियम की धारा 7 के अनुसार, राज्य को विकलांग व्यक्तियों को शोषण से बचाने के लिए उपाय करने चाहिए।
अधिनियम का हवाला देते हुए, नोटिस में यह भी कहा गया है कि सरकार को ऐसी घटनाओं को पहचानना चाहिए और रिपोर्ट करनी चाहिए और ऐसी घटनाओं के खिलाफ उपलब्ध कानूनी उपाय प्रदान करना चाहिए।