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गोवा फिर बनेगा टूरिज्म का हॉटस्पॉट, दोबारा दौड़ेगी अर्थव्यवस्था की गाड़ीः सत्यपाल मलिक

Thu, 23 Apr 2020 07:23 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 23 Apr 2020 07:23 PM IST
सार

  • गोवा देश का पहला कोरोना मुक्त राज्य घोषित हो चुका है
  • 28 जनवरी को ही गोवा में आइसोलेशन वार्ड बनाया
  • गोवा में फार्मा की गतिविधियां कोरोना काल में भी जारी रहीं, मजदूरों को नहीं हुई दिक्कत

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Goa Governor Satyapal Malik said, Goa will again become the hotspot of tourism
गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अमर उजाला डिजिटल के लाइव कार्यक्रम में कहा कि गोवा देश का पहला कोरोना मुक्त राज्य घोषित हो चुका है। उसने यह सफलता ऐसे दौर में हासिल की है जबकि देश के अन्य सभी राज्य कोरोना से बचने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
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गोवा के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में कोरोना देश में अब तक सबसे खतरनाक रुप में सामने आया है। इसके बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए गोवा कोरोना के शुरुआती हमलों के बाद इससे बच निकलने में कामयाब हो गया है। गोवा की कहानी देश के दूसरे राज्यों को प्रेरणा देने वाली हो सकती है।

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महामहिम राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि गोवा को कोरोना से मुक्त होने में सफलता इसलिए मिल सकी है क्योंकि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी किए जा रहे सभी निर्देशों का सटीकता के साथ पालन किया गया।
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उन्होंने कहा कि जब लोग कोरोना के खतरों के प्रति अनजान थे, उस समय भी प्रधानमंत्री ने सबसे पहले इसके खतरे को पहचाना और देश को कोरोना के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए कड़े फैसले लेने शुरू कर दिये। उसी का परिणााम हुआ है कि देश अब तक कोरोना के बड़े दुष्प्रभाव से बचे रहने में कामयाब रहा है।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले 31 दिसंबर को चीन में कोरोना के वायरस के होने की जानकारी मिली थी। इसे देखते हुए 21 जनवरी को ही केंद्र ने कोरोना से बचने के निर्देश दिए जाने शुरू कर दिए थे। 28 जनवरी को एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई थी।

28 जनवरी को ही गोवा में आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया था। 13 मार्च को इसके महामारी घोषित होते ही इससे बचने के लिए अहम स्तर पर प्रयास शुरू कर दिये गए। सिनेमा हॉल, होटल, बाजार, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम रोक दिए गए थे। इन शुरुआती कदमों के उठाने के कारण ही गोवा में कोरोना का संक्रमण रोकने में मदद मिली।

क्या आर्थिक गतिविधियां चलेंगी

अमर उजाला के इस सवाल पर कि गोवा अपनी आर्थिक गतिविधियों, विशेषकर टूरिज्म, को पटरी पर लाने के लिए कितना तैयार है, विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में पर्यटन मंत्री का कार्यभार संभाल चुके सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद है कि कोरोना का खतरा खत्म होते ही गोवा आर्थिक पटरी पर तेजी से दौड़ना शुरू कर देगा।

उन्होंने कहा कि हम पूरी दुनिया में गोवा को सबसे पहले कोरोना मुक्त होने की बात कहकर प्रचारित करेंगे और पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि देशी टूरिस्ट भारी संख्या में जल्दी ही गोवा का रुख करेंगे।

मजदूरों को नहीं होने दी कोई दिक्कत

सत्यपाल मलिक ने बताया कि उनके राज्य में किसी भी राज्य के मजदूर को कोई दिक्कत नहीं होने दी गई। हर राज्य के मजदूरों का पूरा ख्याल रखा गया और सरकार ने उन्हें पूरी सुविधा और सुरक्षा मुहैया करायी।

यही कारण है कि गोवा देश के उन चंद राज्यों में है जहां फार्मा की गतिविधियां कोरोना काल में भी जारी रहीं। यहां मजदूरों की कमी नहीं होने पाई।

जनता के सहयोग से हुए कोरोना मुक्त

राज्य के संवैधानिक प्रमुख सत्यपाल मलिक ने बताया कि गोवा को कोरोना मुक्त कराने में केंद्र के सहयोग के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अधिकारियों और सबसे बढ़कर जनता का पूरा सहयोग मिला जिसके कारण इस मुकाम तक पहुंचा जा सका।

उन्होंने कहा कि हमने मुख्य सड़कों को ही नहीं, छोटी गलियों और पगडंडियों तक को रोकने में सफलता पाई।

चेकिंग के दौरान नहीं आई किसी को दिक्कत

देश के अनेक हिस्सों में कोरोना की जांच करने गए स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट किए जाने की अभद्र घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा बलों के साथ भी अनेक जगहों पर हिंसक मारपीट हुई है। लेकिन गोवा में इस तरह की कोई घटना नहीं घटी है।



सत्यपाल मलिक ने बताया कि हिंसा गोवा के लोगों के स्वभाव में नहीं है। लोग सड़कों पर झगड़ते हुए या ऊंची आवाज में बोलते हुए भी नहीं देखे जाते हैं। उनके इसी स्वभाव का ही परिणाम हुआ है कि गोवा कोरोना की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ सका और कोरोना मुक्त हो सका।

 

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