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हाईकोर्ट में अपील: गोवा सरकार ने की तेजपाल मामले की फिर से सुनवाई करने की मांग
Tue, 01 Jun 2021 09:49 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 01 Jun 2021 09:49 PM IST
सार
गोवा सरकार ने कहा कि बचाव पक्ष के वकील द्वारा पेश किए गए सबूतों को निचली अदालत ने न केवल अकाट्य सत्य माना, बल्कि पीड़िता के साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के गवाहों को भी नजरअंदाज कर दिया।
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तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल
- फोटो : social media
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विस्तार
गोवा सरकार ने दुष्कर्म के मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय में दाखिल अपील में कहा है कि इस मामले की फिर से सुनवाई होनी चाहिए। सरकार ने इस मामले में, फैसले के बाद पीड़ित को लगने वाले आघात और उसके चरित्र पर सवाल उठाने को लेकर अदालत की समझ के अभाव का तर्क दिया है।
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उच्च न्यायालय की गोवा पीठ के समक्ष दाखिल अपील में इस सप्ताह संशोधन करके निचली अदालत के निर्णय के पहलुओं और तेजपाल को बरी किए जाने के खिलाफ दलीलों को शामिल किया गया है। सरकार ने दावा किया कि अदालत ने इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (माफी वाले ई-मेल) को भी पूरी तरह अनदेखा कर दिया, जिसमें आरोपी का दोष साफ तौर पर जाहिर होता है।
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गौरतलब है कि 21 मई को सत्र न्यायाधीश क्षमा जोशी ने 'तहलका' पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तेजपाल को नवंबर 2013 में एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट महिला साथी के यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया था। गोवा सरकार ने बाद में इस निर्णय के खिलाफ अपील की।
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अभियोजन ने उच्च न्यायालय में दाखिल अपील में निचली अदालत के निर्णय के उन विभिन्न हिस्सों को हटाने का अनुरोध किया, जो न केवल अभियोजन पक्ष बल्कि पीड़ित पर भी आक्षेप लगाते हैं। अभियोजन ने कहा, 'इस तथ्य और अन्य पहलुओं से स्पष्ट होता है कि मामले की कानून के अनुसार फिर से जांच होनी चाहिए।'