फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Goa Election 2017: all parties focus on these issues to win

सड़क-बिजली-पानी नहीं, कुछ और हैं गोवा के असली मुद्दे

Thu, 12 Jan 2017 07:01 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 12 Jan 2017 07:01 PM IST
विज्ञापन
Goa Election 2017: all parties focus on these issues to win

2012 में चुनाव जीतकर गोवा की सत्ता में आने वाली भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव बेहद कठिन होने वाला है। जहां एक ओर आम आदमी पार्टी गोवा चुनाव में पहली बार हिस्सा ले रही है, वहीं पिछले चुनाव में भाजपा के साथ चुनाव लड़ने वाली महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी ने अलग होकर मैदान में उतरने का फैसला किया है। महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी, आरएसएस के बागी नेता सुभाष वेलिंगकर की नई पार्टी गोवा सुरक्षा मंच और शिवसेना के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ लड़ रही है। भाजपा के लिए यह चुनाव गोवा में अपनी साख बनाए रखने के लिए आवश्यक है। आइए आप को बताते हैं कुछ ऐसे मुद्दे जो गोवा चुनाव के केंद्र में रह सकते हैं।

विज्ञापन


अवैध खनन
गोवा चुनाव में खनन सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा। गोवा भारत में कच्चे लोहे का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। खनन गोवा को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है। खनन के चलते गोवा के नागरिकों को रोजगार मिलता है। हालांकि खनन के चलते पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर खूब प्रदर्शन हुए। जिसके बाद सितंबर, 2012 में सरकार द्वारा सभी खनन बंद कर दिये गए थे। सरकार ने खनन की जांच के लिए एक कमिशन का गठन भी किया था। कमीशन ने चौंकाने वाले रिपोर्ट दी। अवैध खनन के कारण सरकारी खजाने से 34,935 करोड़ रुपये की निकासी की बात कही गई थी। अब राजनीतिक पार्टियां, पर्यावरण संरक्षण और खनन व्यापारियों के बीच का कोई रास्ता निकालने का प्रयास कर सकती हैं।
विज्ञापन


कसीनो
पर्यटन का केंद्र होने की वजह से गोवा में दर्जनों कसीनो चल रहे हैं। 2012 के चुनाव में कसीनो मुद्दा बने थे। भाजपा में अपने चुनावी घोषणा पत्र में सभी कसीनो को बंद करने की बात कही थी। हालांकि चुनाव के बाद भाजपा इस मुद्दें को टालती रही। हाल ही में भाजपा पर कसीनो मालिकों का पक्ष लेने का आरोप लगता रहै है। भाजपा की इस छवी का सीधा फायदा अन्य पार्टियों को मिल सकता है , जिनमें आम आदमी पार्टी प्रमुख है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी मुद्दे हैं...

Goa Election 2017: all parties focus on these issues to win

स्थानीय संस्कृति और भाषा
गोवा में स्थानीय संस्कृति को लेकर भी कई सवाल खड़े होते रहे हैं। सबसे विवादस्पद सवाल गोवा में भाषा को लेकर है। गोवा में तीन भाषा कोंकणी, मराठी और अंग्रेजी बोली जाती हैं। गोवा के प्राथमिक विद्यालयों में किस भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाया जाए इसे लेकर भी विवाद है। 

विशेष राज्य का दर्जा 
गोवा को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग भी लंबे समय से चली आ रही है। जिसे लेकर बहुत से लोग भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। जनता में इस बात को लेकर भी दो राय है कि भाजपा या कांग्रेस की सत्ता में गोवा को यह दर्जा मिलना मुश्किल है। ऐसे में आम आदमी पार्टी को फायदा होता दिख रहा है। आप ने अभी से गोवा में कैथोलिक आबादी को वोट में बदलने के लिए जनसभाएं करना शुरू कर दिया है। गोवा में लगभग 26 प्रतिशत लोग कैथोलिक है, जो मूल रूप से गोवा के निवासी हैं।

नोटबंदी
केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद से देशभर में विपक्षी पार्टियां सरकार का विरोध कर रही हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले का घोर विरोद्ध करने वाली आम आदमी पार्टी पंजाब और गोवा में पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग ले रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed