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Goa Assembly Election 2022: दलों की भीड़, मुकाबला दिलचस्प, तृणमूल सहित दो क्षेत्रीय दलों की एंट्री के बाद अनुमान लगाना मुश्किल
Sun, 09 Jan 2022 06:31 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 09 Jan 2022 06:31 AM IST
सार
गोवा की राजनीति में अरसे से मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होता आया है। दो अहम क्षेत्रीय दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फारवर्ड ब्लॉक पहले ही इन दोनों दलों को नफा नुकसान पहुंचाते रहे हैं। इन दलों की उपस्थिति के बीच टीएमसी समेत दो नए दलों की एंट्री से विधानसभा चुनाव का मुकाबला बहुकोणीय होने के आसार हैं।
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सीएम प्रमोद सावंत और दिगंबर कामत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दलों की भीड़ ने गोवा इन विधानसभा चुनावों को दिलचस्प बना दिया है। पुराने दलों की मौजूदगी के बीच मुकाबले में तूणमूल कांग्रेस समेत दो क्षेत्रीय दलों रवॉल्यूशनरी गोअन्स और ‘गोएन्चो आवाज के प्रवेश ने सियासी समीकरण उलट-पलट दिए हैं। फिलहाल अनुमान लगाना कठिन है कि जनादेश का ऊंट आखिर किस करवट बैठेगा।
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गौरतलब है कि गोवा की राजनीति में अरसे से मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होता आया है। दो अहम क्षेत्रीय दल महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और गोवा फारवर्ड ब्लॉक पहले ही इन दोनों दलों को नफा नुकसान पहुंचाते रहे हैं। इसके अलावा राज्य की राजनीति में एनसीपी, आप और शिवसेना भी सक्रिय है। इन दलों की उपस्थिति के बीच टीएमसी समेत दो नए दलों की एंट्री से विधानसभा चुनाव का मुकाबला बहुकोणीय होने के आसार हैं।
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तब हार कर भी जीत गई थी भाजपा
बीते चुनाव में भाजपा बहुमत से आठ सीट दूर थी, कांग्रेस को महज चार सीटों की जरूरत थी। हालांकि भाजपा ने एमजीपी, जीएफबी और निर्दलीय विधायकों को साध कर कांग्रेस के सरकार बनाने के मंसूबे पर पानी फेर दिया था। इस चुनाव में कांग्रेस केसामने भाजपा से पिछला बदला चुकाने की चुनौती है। जबकि भाजपा के पास लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की चुनौती है।
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