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Survey: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए, 80 फीसदी भारतीयों का ऐसा मानना

Fri, 06 Sep 2024 07:52 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 06 Sep 2024 07:52 AM IST
सार

 90 फीसदी लोग प्रकृति के मौजूदा हालात को लेकर चिंतित हैं। सर्वे के अनुसार, 73 फीसदी लोगों को लगता है कि हमारा पर्यावरण अब उस स्थिति में पहुंच गया है, जहां अगर स्थिति को नहीं संभाला गया तो हमारे वर्षावनों और ग्लेश्यियर्स में ऐसे बदलाव शुरू हो सकते हैं।

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Global Commons Survey says 80 per cent Indians support criminalization of environmental damage
पर्यावरण बदलाव को लेकर लोग चिंतित - फोटो : एएनआई

विस्तार

पर्यावरण को हो रहे नुकसान का असर अब जलवायु परिवर्तन के रूप में दिखने लगा है। यही वजह है कि अब लोग इसे लेकर गंभीर भी हो रहे हैं। अब एक ताजा सर्वे में पता चला है कि 80 फीसदी भारतीय मानते हैं कि पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले लोगों या समूहों पर आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। दरअसल ब्रिटेन की संस्था इप्सोस और ग्लोबल कॉमन्स अलायंस ने मिलकर ग्लोब्ल कॉमन्स सर्वे 2024 नामक सर्वेक्षण किया है। इस सर्वेक्षण में पता चला है कि हर पांच में से तीन लोग मानते हैं कि सरकार पर्यावरण को बचाने के लिए पर्याप्त काम कर रही है। 
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क्या कहता है सर्वे
वहीं 90 फीसदी लोग प्रकृति के मौजूदा हालात को लेकर चिंतित हैं। सर्वे के अनुसार, 73 फीसदी लोगों को लगता है कि हमारा पर्यावरण अब उस स्थिति में पहुंच गया है, जहां अगर स्थिति को नहीं संभाला गया तो हमारे वर्षावनों और ग्लेश्यियर्स में ऐसे बदलाव शुरू हो सकते हैं, जिन्हें रोका नहीं जा सकेगा। 57 प्रतिशत लोगों का मानना है कि नई तकनीक पर्यावरण के मुद्दे को हल कर सकती है और उसके लिए लोगों की जीवनचर्या में भी बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी। 54 प्रतिशत लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें लगता है कि पर्यावरण को लेकर किए जा रहे दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जा रहे हैं और हालात उतने भी बुरे नहीं हैं।  
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पांच में से लगभग चार भारतीय मानते हैं कि मानव स्वास्थ्य और कल्याण प्रकृति से जुड़े हुए हैं। 77 प्रतिशत लोगों ने कहा कि प्रकृति पहले से ही इतनी क्षतिग्रस्त हो चुकी है कि वह दीर्घ अवधि में इंसानी जरूरतों को पूरा नहीं कर सकती। सर्वेक्षण में 18 G20 देशों - अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्किए, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका - और चार गैर-G20 देशों - ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, केन्या और स्वीडन के 18 से 75 वर्ष की आयु के 1,000 लोग शामिल हुए।
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हाल ही में बेल्जियम में पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने को संघीय अपराध मानने का कानूनी प्रावधान किया गया है। चिली और फ्रांस में भी इसी तरह के कानून बनाए गए हैं। वहीं ब्राजील, मैक्सिको, इटली नीदरलैंड, पेरू और स्कॉटलैंड में भी ऐसे ही कानून बनाए जाने की तैयारी चल रही है। इसके बीच ही यह सर्वेक्षण किया गया है। 


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