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Report: कैंसर का बढ़ता विश्व संकट, 2050 तक तीन करोड़ नए मरीज; प्रतिवर्ष 1.86 करोड़ मौतों का अंदेशा

Wed, 08 Oct 2025 05:27 AM IST
शुभम कुमार अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 08 Oct 2025 05:27 AM IST
सार

कैंसर अब सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बन चुका है। 'द लैंसेट' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक कैंसर के नए मामले 3 करोड़ से ज्यादा हो सकते हैं और हर साल 1.86 करोड़ मौतें संभव हैं। 1990 से 2023 के बीच नए मामलों में 105% और मौतों में 74% बढ़ोतरी हुई। 2023 में ही 1.85 करोड़ लोग पीड़ित हुए और 1.04 करोड़ ने जान गंवाई।

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Global cancer crisis with 30 million new patients by 2050 18.6 million deaths expected annually
कैंसर - फोटो : Adobe Stock Images

विस्तार

कैंसर, जो कभी सीमित देशों की बीमारी समझी जाती थी, अब वैश्विक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। द लैंसेट में प्रकाशित ताजा अंतरराष्ट्रीय शोध में चौंकाने वाले आंकड़े आए हैं। 2050 तक दुनिया में कैंसर के नए मामलों की संख्या तीन करोड़ के पार जा सकती है, जबकि प्रतिवर्ष 1.86 करोड़ लोगों की मौत इस बीमारी से होने की आशंका है।
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हृदय रोगों के बाद कैंसर अब दुनिया में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। द लैंसेट की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 1990 से 2023 के बीच कैंसर के नए मामलों में 105 फीसदी और मौतों में 74 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। सिर्फ 2023 में ही 1.85 करोड़ लोग कैंसर से पीड़ित हुए और 1.04 करोड़ की जान चली गई। ये आंकड़े नॉन-मेलानोमा स्किन कैंसर को छोड़कर हैं।
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बढ़ती आबादी और बुजुर्ग समुदाय बना एक कारण
रिपोर्ट कहती है कि उम्र के हिसाब से कैंसर से मरने की दर में विश्व स्तर पर करीब 5.6% की गिरावट आ सकती है, लेकिन बढ़ती आबादी व बुजुर्गों की संख्या के कारण कुल मामलों में तेज वृद्धि होगी। विशेषज्ञों ने चेताया है कि अगर रोकथाम और शुरुआती जांच पर निवेश नहीं बढ़ाया गया तो कैंसर 2030 तक संयुक्त राष्ट्र के उस लक्ष्य को भी चुनौती देगा, जिसमें गैर संक्रामक बीमारियों से असमय मौतें एक-तिहाई तक कम करने की बात कही गई थी।

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