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Kerala: 'साल के अंत तक भारत के साथ एफटीए वार्ता पूरी होने की उम्मीद', जर्मनी के महावाणिज्य दूत बर्कार्ट बोले

Sat, 25 Oct 2025 09:38 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 25 Oct 2025 09:38 PM IST
सार

Kerala: जर्मनी के महावाणिज्य दूत अचिम बर्कार्ट ने कहा कि उनके देश को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक भारत के साथ एफटीए पर वार्ता पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच मजबूत संबंध दोनों देशों के सहयोग की नई दिशा दिखा रहे हैं। बर्कार्ट ने यह भी कहा कि जर्मनी और भारत संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों की रक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे।

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Germany hopes to conclude free trade talks with India this year: Consul General Burkart
जर्मनी के महावाणिज्य दूत अचिम बर्कार्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

जर्मनी के महावाणिज्य दूत अचिम बर्कार्ट ने शनिवार को कहा कि उनके देश को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अंतिम रूप ले लेगा। बर्कार्ट केरल और कर्नाटक में जर्मनी के महावाणिज्य दूत हैं। वह तिरुवनंतपुरम में आयोजित 'जर्मन एकता दिवस' के कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों को संबोधित कर रहे थे। 
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'संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति प्रतिबद्ध भारत-जर्मनी'
बर्कार्ट ने कहा, इस अंधेरे की दुनिया में उम्मीद की रोशनी भी है। उन्होंने कहा, भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते अच्छे संबंध औरदोनों देशों की प्रतिबद्धता इस साल के अंत तक भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक उजाला है। दुनिया में जारी संघर्षों को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों देश संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जर्मनी तब तक शांत नहीं बैठेगा, जब तक यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक स्थायी और न्यायपूर्ण शांति स्थापित नहीं हो जाती। 
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'मनमानी हिंसा से मजबूत हैं सहमति से तय किए गए नियम'
जर्मन राजनयिक ने आगे कहा, संयुक्त राष्ट्र चार्टर इस उम्मीद का प्रतिनिधित्व करता है कि सहमति से तय किए गए नियम, मनमानी हिंसा से मजबूत हैं, बातचीत से अधिक टिकाऊ समाधान मिलते हैं और हर व्यक्ति गरिमापूर्ण जीवन जी सकता है। इस सिद्धांत को 80 साल पहले संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के समय अपनाया गया था। लेकिन इसे अभूतपूर्व दबाव का सामना करना पड़ रहा है। भारत और जर्मनी मिलकर इन सिद्धांतों की रक्षा करेंगे। 

गोथे-जेंट्रम के अध्यक्ष जी. विजय राघवन ने इस आयोजन का स्वागत किया, जिसे जिसे मानद महा-दूत डॉ. सैयद इब्राहिम ने साथ मिलकर आयोजित किया गया। बर्कार्ट ने जर्मन मॉडल संसद के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए। इसके बाद बक रोजर और साइडट्रैकरस का एक संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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