फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Warship reaches Mumbai: German naval officer airlifted, received by Ambassador Lindner and Thackeray

मुंबई पहुंचा युद्धपोत: जर्मनी के नौसेना अधिकारी को एयर लिफ्ट किया गया, राजदूत लिंडनर व ठाकरे ने की अगवानी

Fri, 21 Jan 2022 02:04 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 21 Jan 2022 02:04 PM IST
सार

जर्मन नौसेना के जिस अधिकारी को निकाला गया वह बैयर्न युद्ध पोत पर सवार था। भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि जर्मन दूतावास के अनुरोध पर मरीज को जहाज से चलने वाले सुपर लिंक्स हेलिकॉप्टर द्वारा आईएनएस शिकारा में उतारा गया था।

विज्ञापन
Warship reaches Mumbai: German naval officer airlifted, received by Ambassador Lindner and Thackeray
जर्मन युद्धपोत की अगवानी भारत में जर्मनी के राजदूत लिंडनर व महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने की - फोटो : ANI

विस्तार

जर्मनी के एक नौसेना अधिकारी को गुरुवार को आपात चिकित्सा सहायता के लिए अरब सागर से मुंबई में इमर्जेंसी में एयरलिफ्ट किया गया। उस वक्त जर्मनी का यह युद्धपोत मुंबई तट से 275 किलोमीटर दूर था। 

विज्ञापन


जर्मन नौसेना के जिस अधिकारी को निकाला गया वह बैयर्न युद्ध पोत पर सवार था। भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि जर्मन दूतावास के अनुरोध पर मरीज को जहाज से चलने वाले सुपर लिंक्स हेलिकॉप्टर द्वारा आईएनएस शिकारा में उतारा गया था। यह कार्रवाई मुंबई से लगभग 275 किलोमीटर दूर स्थित जर्मन नौसेना के जहाज बैयर्न से पश्चिमी नौसेना कमान के समन्वय से की गई।
विज्ञापन


एयरलिफ्ट किए गए जर्मनी के सैन्य अधिकारी को आईएनएचएस अश्विनी पर ले जा गया, जहां उनकी विशेषज्ञ चिकित्सों की टीम ने जांच की और उनकी कई तरह की जांच कराई गई। नौसेना सूत्रों ने बताया कि जर्मनी अधिकारी की हालत स्थित है। उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जर्मन राजदूत लिंडनर व आदित्य ठाकरे ने पोत की अगवानी की
जर्मनी के युद्धपोत की मुंबई में जर्मनी के भारत स्थित राजदूत वाल्टर जे लिंडनर और महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल, पर्यटन व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने अगवानी की। 


दरअसल यह पोत मुंबई तट पर डेरा डालेगा। भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती दखलंदाजी के चलते जर्मनी ने इसे क्षेत्र में भेजा है। जर्मनी के राजदूत लिंडनर ने इस मौके पर कहा कि हमें इस क्षेत्र में मुक्त समु्द्री मार्ग चाहिए। प्रशांत क्षेत्र में शांति जरूरी है। क्षेत्र के सभी 32 देशों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन करना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि जर्मनी के युद्धपोत की अगवानी करना सम्मान की बात है। दोनों देशों के संबंध बहुत अच्छे हैं। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम एक देश के रूप में दुनिया को स्वतंत्रता, लोकतंत्र व स्थिर समुद्री रास्ते कायम रखने का संदेश दें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed