Covid-19: इन तारीखों के बीच विदेश से आए सभी संक्रमितों की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग
- सरकार ने दिए संकेत, ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर 31 दिसंबर के बाद भी जारी रह सकती है रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन सहित दुनिया के कई देशों में फैलने वाले कोरोना वायरस के नए और खतरनाक रूप (स्ट्रेन) ने भारत में भी दस्तक दे दी है। ब्रिटेन से हाल ही में लौटे यात्रियों में से छह में वायरस का नया रूप मिला है। वायरस का नया रूप सामने आने के बाद हरकत में आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, 9 से 22 दिसंबर के बीच भारत आए उन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी, जो कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, सरकार ने एहतियातन ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर 31 दिसंबर के बाद भी रोक जारी रखने के संकेत दिए हैं।
इससे पहले मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि भारत लौटे यात्रियों की जांच के दौरान संक्रमित मिलेे मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई थी। बंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज की लैब में तीन, हैदराबाद स्थित सीसीएमबी में दो और पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने एक सैंपल में नए रूप मिलने की जानकारी दी है। वहीं, केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, मुझे लगता है कि भारत-ब्रिटेन के बीच उड़ानों पर अस्थायी रोक को कम दिनों के लिए बढ़ाना पड़ सकता है। पुरी ने कहा, मंत्रालय अन्य देशों की भी गतिविधियों पर भी नजर रख रहा है और उसी के अनुसार आगे का फैसले लेगा। मेरा मानना है कि यह रोक ज्यादा दिनों या अनिश्चित काल तक के लिए नहीं रहेगी।
33 हजार यात्री लौटे, 114 मिले संक्रमित
मंत्रालय ने कहा, बीते 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच भारत में 33 हजार लोग ब्रिटेन की यात्रा से वापस लौटे हैं। इन सभी यात्रियों की देश के अलग-अलग हवाईअड्डों पर जांच कराई गई थी जिनमें से 114 कोरोना संक्रमित पाए गए। इन सभी मरीजों को आइसोलेट किया गया है। संक्रमितों के संपर्क में आने वालों को भी क्वारंटीन किया जा रहा है। इनके परिवार वालों, इनके साथ विमान में आए अन्य यात्रियों और दूसरे लोगों का भी पता लगाने के लिए सघन अभियान चलाया है। मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग अभी भी चल रही है। ऐसे में आशंका है कि कोरोना वारयस के नए रूप से ग्रस्त मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
स्थिति की सावधानीपूर्वक निगरानी की जा रही है। साथ ही नियमित रूप से राज्यों को इस बात की सलाह दी जा रही है कि वह निगरानी और नियंत्रण की अपनी व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखें और नमूनों की जांच कराने के लिए इन्हें तय प्रयोगशालाओं में भेजें। -डॉ. वीके पॉल, सदस्य, नीति आयोग
इन देशों में मिला नया रूप
अभी तक ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया रूप डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, पाकिस्तान, जापान, लेबनान और सिंगापुर के बाद अब भारत में मिल चुका है।
जीनोम सीक्वेंसिंग में वायरस की पूरी कुंडली
जीनोम सीक्वेंसिंग में किसी वायरस की पूरी जानकारी होती है। वायरस का रूप, गुण, आकार सबकी जानकारी जीनोम में मिलती है। वायरस के जीन के बडे़ समूह को जीनोम कहा जाता है। वायरस के बारे में जानने की प्रक्रिया को जीनोम सीक्वेंसिंग कहा जाता है। इसी के जरिए कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में पता लगाया जा रहा है।