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2014 के नतीजों में छिपे सबक सीखकर बदलती 2019 लोकसभा चुनावों की रणनीति
Wed, 13 Mar 2019 07:40 PM IST
Prabudhh Jain
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Wed, 13 Mar 2019 07:40 PM IST
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2014 के लोकसभा चुनाव नतीजें
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लोकसभा चुनाव 2019 के समीकरण, अंकगणित, ताकत, कमजोरियों, चेहरों का अंदाजा लगाना हो तो उससे पहले 2014 के चुनावी नतीजों को समझना भी जरूरी हो जाता है। ये वो साल था जब मोदी लहर पर सवार होकर भाजपा अकेले दम 282 और सहयोगियों के साथ 300 के पार चली गई।
राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में भाजपा ने सूपड़ा साफ कर दिया। लेकिन बंगाल की 42 में से मिलीं महज 2 सीट तो केरल की 20 में से शून्य। ये बेवजह नहीं है कि इन दोनों राज्यों में इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टी पूरी ताकत झोंक देना चाहती है ताकि अगर पिछली बार दोनों राज्य मिलाकर 62 में से 2 सीट मिलीं तो इस बार आंकड़ा कम से कम दहाई में ले जाया जा सके। दक्षिण के राज्यों में गठबंधन की ताकत का बेहतर तरीके से इस्तेमाल भी इसी प्रयोग की एक कड़ी है। तमिलनाडु की 39 में से पार्टी को 2014 में एक सीट मिली थी। इस बार अन्नाद्रमुक गठबंधन के तहत पार्टी 5 सीटों पर लड़ रही है और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखती है।
2014 में कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन 2018 के दिसंबर में पार्टी को राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में जो कामयाबी मिली वो संजीवनी बनकर आई। ऐसे में पार्टी यूपी में अकेले दम उतरने को तैयार दिखती है तो जहां जरूरत है वहां गठबंधन भी कर रही है।
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उत्तर प्रदेश में 2014 में बसपा को यूपी छोड़िए, पूरे देश में एक सीट नसीब नहीं हुई। पुराने सबक याद करके ही 12 जनवरी को सपा और बसपा ने दुश्मनी भुलाकर एक-दूसरे के साथ आना बेहतर समझा।
एक नजर 2014 के चुनाव नतीजों पर:
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राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में भाजपा ने सूपड़ा साफ कर दिया। लेकिन बंगाल की 42 में से मिलीं महज 2 सीट तो केरल की 20 में से शून्य। ये बेवजह नहीं है कि इन दोनों राज्यों में इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टी पूरी ताकत झोंक देना चाहती है ताकि अगर पिछली बार दोनों राज्य मिलाकर 62 में से 2 सीट मिलीं तो इस बार आंकड़ा कम से कम दहाई में ले जाया जा सके। दक्षिण के राज्यों में गठबंधन की ताकत का बेहतर तरीके से इस्तेमाल भी इसी प्रयोग की एक कड़ी है। तमिलनाडु की 39 में से पार्टी को 2014 में एक सीट मिली थी। इस बार अन्नाद्रमुक गठबंधन के तहत पार्टी 5 सीटों पर लड़ रही है और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रखती है।
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2014 में कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन 2018 के दिसंबर में पार्टी को राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में जो कामयाबी मिली वो संजीवनी बनकर आई। ऐसे में पार्टी यूपी में अकेले दम उतरने को तैयार दिखती है तो जहां जरूरत है वहां गठबंधन भी कर रही है।
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उत्तर प्रदेश में 2014 में बसपा को यूपी छोड़िए, पूरे देश में एक सीट नसीब नहीं हुई। पुराने सबक याद करके ही 12 जनवरी को सपा और बसपा ने दुश्मनी भुलाकर एक-दूसरे के साथ आना बेहतर समझा।
एक नजर 2014 के चुनाव नतीजों पर:
| राज्य(सीट) | भाजपा | कांग्रेस | अन्नाद्रमुक | टीएमसी | बीजद | शिवसेना | टीडीपी | टीआरएस | वाईएसआर | लोजपा | सपा | एनसीपी | अन्य |
| यूपी(80) | 71 | 2 | 5 | 2 | |||||||||
| महाराष्ट्र(48) | 23 | 2 | 18 | 4 | 1 | ||||||||
| प. बंगाल(42) | 2 | 4 | 34 | 2 | |||||||||
| तमिलनाडु(39) | 1 | 0 | 37 | 1 | |||||||||
| बिहार(40) | 22 | 2 | 6 | 1 | 9 | ||||||||
| मप्र(29) | 27 | 2 | |||||||||||
| कर्नाटक(28) | 17 | 9 | 2 | ||||||||||
| गुजरात(26) | 26 | 0 | |||||||||||
| आंध्र(25) | 2 | 0 | 15 | 8 | |||||||||
| राजस्थान(25) | 25 | 0 | |||||||||||
| ओडिशा(21) | 1 | 0 | 20 | ||||||||||
| केरल(20) | 0 | 8 | 12 | ||||||||||
| तेलंगाना(17) | 1 | 2 | 1 | 11 | 1 | 1 | |||||||
| पंजाब(13) | 2 | 3 | 8 | ||||||||||
| झारखंड(14) | 12 | 0 | 2 | ||||||||||
| असम(14) | 7 | 3 | 4 | ||||||||||
| छत्तीसगढ़(11) | 10 | 1 | |||||||||||
| हरियाणा(10) | 7 | 1 | 2 | ||||||||||
| दिल्ली(7) | 7 | 0 | |||||||||||
| जम्मू-कश्मीर(6) | 3 | 0 | 3 | ||||||||||
| उत्तराखंड(5) | 5 | 0 | |||||||||||
| हिमाचल(4) | 4 | 0 | |||||||||||
| गोवा(2) | 2 | 0 | |||||||||||
| मेघालय(2) | 0 | 1 | 1 | ||||||||||
| मिजोरम(1) | 0 | 1 | |||||||||||
| नागालैंड(1) | 0 | 0 | 1 | ||||||||||
| सिक्किम(1) | 0 | 0 | 1 | ||||||||||
| अरुणाचल(2) | 1 | 1 | |||||||||||
| मणिपुर(2) | 0 | 2 | |||||||||||
| त्रिपुरा(2) | 0 | 0 | 2 | ||||||||||
| दादरा-नागर(1) | 1 | 0 | |||||||||||
| लक्षद्वीप(1) | 0 | 0 | 1 | ||||||||||
| चंडीगढ़(1) | 1 | 0 | 0 | ||||||||||
| पुडुचेरी(1) | 0 | 0 | 1 | ||||||||||
| अंडमान(1) | 1 | 0 | |||||||||||
| दमन-दीव(1) | 1 | 0 | |||||||||||
| कुल(543) | 282 | 44 | 37 | 34 | 20 | 18 | 16 | 11 | 9 | 6 | 5 | 6 | 55 |