Geeta Me Jihad: शिवराज पाटिल के ‘गीता में जिहाद’ बयान पर हंगामा, विहिप ने साधा कांग्रेस पर निशाना
Geeta Me Jihad: विहिप नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने शिवराज पाटिल के बयान पर विरोध जताते हुए कहा है कि गीता में आत्म कल्याण, समाज कल्याण और विश्व कल्याण का मार्ग बताया गया है। पूरी दुनिया के महान लोग गीता को विश्व के शांति पाठ की तरह से देखते हैं और इससे प्रेरणा प्राप्त करते हैं...
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कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल के ‘गीता में जिहाद’ होने के बयान पर हंगामा मच गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि कांग्रेस नेता मुस्लिम तुष्टिकरण से आगे की बात सोच नहीं पाते हैं। वे अपने निजी स्वार्थों के कारण जिहाद को सही ठहराते हैं और यही कारण है कि देश में लगातार ‘सर तन से जुदा’ करने वाली घटनाएं बढ़ रही हैं। संगठन ने कहा है कि गीता में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी है और इसमें विश्व कल्याण की बात कही गई है, लेकिन यदि कांग्रेस नेता इसमें जिहाद देख पाते हैं तो यह उनकी दुर्भाग्यपूर्ण सोच का परिणाम है। इससे यह भी साबित होता है कि चुनाव के समय कांग्रेसी नेताओं के द्वारा स्वयं को हिंदू साबित करना केवल एक दिखावा है।
विहिप नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने शिवराज पाटिल के बयान पर विरोध जताते हुए कहा है कि गीता में आत्म कल्याण, समाज कल्याण और विश्व कल्याण का मार्ग बताया गया है। पूरी दुनिया के महान लोग गीता को विश्व के शांति पाठ की तरह से देखते हैं और इससे प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गीता में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोग की शिक्षा दी है, लेकिन कांग्रेस को उसमें जिहाद दिखाई पड़ता है तो यह शर्मनाक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के समय से ही कांग्रेस इसी तरह का हिंदू विरोधी रुख अपनाती आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता न तो गीता को समझते हैं और न ही जिहाद की बात समझते हैं। वे केवल निजी स्वार्थ के कारण इस सोच का समर्थन करते हैं जिसके कारण देश में सर तन से जुदा करने की घटनाएं बढ़ रही हैं और इसका दुष्परिणाम हिंदुओं को भुगतना पड़ रहा है।
शिवराज पाटिल ने क्या कहा?
मोहसिना किदवई की लिखी एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि इस्लाम धर्म के अंदर जिहाद होने की बहुत चर्चा की जाती है, लेकिन ऐसा केवल इस्लाम में ही नहीं कहा गया है। हिंदू-ईसाई धर्मों में भी इसी तरह की बातें कही गई हैं। उन्होंने कहा कि इनमें कहा गया है कि यदि बहुत अच्छे विचारों के साथ काम करने के बाद भी यदि कोई उसे समझता नहीं है तो शक्ति का सहारा लेना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भगवद गीता के अंदर भी भगवान कृष्ण अर्जुन को जो उपदेश देते हैं, वे उन्हें जिहाद करने के लिए ही कहते हैं। जीसस क्राइस्ट ने भी लिखा है कि वे यहां केवल शांति की स्थापना करने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि अपने साथ तलवार भी लाए हैं। यदि कोई तलवार लेकर आता है, तो आप उससे भाग नहीं सकते। उन्होंने कहा कि मोहसिना किदवई की पुस्तक में भी यही बात लिखी है।