Assam: धेमाजी विस्फोट मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी छह आरोपियों को किया बरी
असम के धेमाजी जिले में हुए 2004 के बम विस्फोट मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया।
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असम के धेमाजी जिले में हुए 2004 के बम विस्फोट मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया। इस धमाके में 13 स्कूली बच्चों सहित 18 लोगों की मौत हुई थी। यह धमाका स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुआ था।
न्यायमूर्ति माइकल जोथनखुमा और न्यायमूर्ति मृदुल कुमार की खंडपीठ ने धेमाजी जिला एवं सत्र अदालत के 2019 के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें चार आरोपियों को आजीवन कारावास और दो अन्य को चार साल की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने 24 जुलाई को छह आरोपियों द्वारा दायर अपील पर सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया।
जिला अदालत ने दीपांजलि बुरागोहेन, मुही हांडिक, जतिन दुबोरी और लीला गोगोई को आजीवन कारावास की सजा जबकि प्रशांत भुइयां और हेमेन गोगोई को चार साल जेल की सजा सुनाई थी। यह विस्फोट स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान धेमाजी कॉलेज के मैदान में हुआ था। इस घटना में करीब 45 लोग घायल हुए थे। समारोहों के बहिष्कार का आह्वान करने वाले प्रतिबंधित संगठन उल्फा ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू के दिल्ली स्थित आवास की दीवार से टकराई कैब
मध्य दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के आधिकारिक आवास की दीवार से एक कैब टकरा गई, जिससे उसे नुकसान पहुंचा। पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि कैब को सबसे पहले डीटीसी क्लस्टर बस ने टक्कर मारी, जिससे वह दीवार से टकरा गई। कैब में नरेला निवासी रहीम खान अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यात्रा कर रहे थे। जब वह कृष्ण मेनन मार्ग पर कोठी नंबर 9 के पास पहुंचे, तो उनके वाहन को सेवा नगर डिपो की डीटीसी क्लस्टर बस ने टक्कर मार दी। कैब चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी कोठी नंबर 9 की दीवार से जा टकराई।
व्हिस्की के लेबल को लेकर एफएसएसएआई ने मादक पेयमानदंडों में किया संशोधन
खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों में किए गए पहले संशोधन के अनुसार, अल्कोहलिक पेय पदार्थों के लेबल पर ऊर्जा सामग्री के अलावा कोई पोषण संबंधी जानकारी चस्पा नहीं की जाएगी। नया नियम अगले साल एक मार्च से लागू होगा। संशोधन में एफएसएसएआई ने सिंगल माल्ट व्हिस्की और सिंगल ग्रेन व्हिस्की को भी परिभाषित किया है। नियम के अनुसार, अल्कोहलिक पेय पर ऊर्जा सामग्री की कोई भी घोषणा स्वैच्छिक होगी। इसे किलो कैलोरी (केसीएल) में दर्शाया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा और मानक (अल्कोहल पेय पदार्थ) नियम, 2018 में कहा गया था कि अल्कोहल वाले पेय पदार्थों के लेबल पर कोई पोषण संबंधी जानकारी नहीं होनी चाहिए। एफएसएसएआई ने 21 अगस्त को अपने नए नियमों में कहा है कि सिंगल माल्ट व्हिस्की में बिना किसी अन्य अनाज को मिलाए माल्टेड जौ का इस्तेमाल किया जाता है। इसे अभी भी बर्तन में डिस्टिल्ड किया जाता है और एक ही डिस्टिलरी में इसका उत्पादन किया जाता है। सिंगल ग्रेन व्हिस्की में सिंगल माल्ट, मिश्रित माल्ट या मिश्रित अनाज व्हिस्की शामिल नहीं होगी।