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एलजी प्लांट: सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ था गैस रिसाव, सीएम रेड्डी को सौंपी 4,000 पन्नों की रिपोर्ट
Tue, 07 Jul 2020 05:14 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, अमरावती
अमर उजाला नेटवर्क, अमरावती
Published by: अवधेश कुमार
Updated Tue, 07 Jul 2020 05:14 AM IST
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जगन मोहन रेड्डी
- फोटो : एएनआई
विशाखापटनम में एलजी पॉलिमर्स के प्लांट में गैस का रिसाव सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपात इंतजाम की कमी के कारण हुआ था। वन एवं पर्यावरण मामलों के विशेष मुख्य सचिव नीरभ कुमार प्रसाद की अध्यक्षता वाली आंध्र प्रदेश सरकार की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने सोमवार को मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को 4,000 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। इसी रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एलजी प्लांट में भरपूर बदइंतजामी के कारण 7 मई को हुए गैस रिसाव के कारण 12 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। प्लांट के अंदर खराब प्रबंधन, सुरक्षा जागरूकता की कमी और कमजोर जोखिम आकलन ने हालात को बेकाबू कर दिया। रिपोर्ट में टैंक के खराब डिजाइन, ठंडा करने की घटिया व्यवस्था सहित कई कमियों का उल्लेख किया गया है। टैंक का तापमान बढ़ने के कारण स्टायरन द्रव्य भाप बनना शुरू हो गया और उसने दबाव को बढ़ा दिया।
समिति ने पाया कि प्लांट में अलार्म सिस्टम का इस्तेमाल भी नहीं किया गया। जबकि 36 जगह अलार्म लगा था। अलार्म का इस्तेमाल किया गया होता तो लोग खतरे से आगाह हो जाते। समिति के अन्य सदस्यों में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान देहरादून के निदेशक अंजन रे, आरके एलानगोवन, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पुणे) के क्षेत्रीय निदेशक भरत कुमार शर्मा आदि शामिल थे।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि एलजी प्लांट में भरपूर बदइंतजामी के कारण 7 मई को हुए गैस रिसाव के कारण 12 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से ज्यादा लोग बीमार हो गए थे। प्लांट के अंदर खराब प्रबंधन, सुरक्षा जागरूकता की कमी और कमजोर जोखिम आकलन ने हालात को बेकाबू कर दिया। रिपोर्ट में टैंक के खराब डिजाइन, ठंडा करने की घटिया व्यवस्था सहित कई कमियों का उल्लेख किया गया है। टैंक का तापमान बढ़ने के कारण स्टायरन द्रव्य भाप बनना शुरू हो गया और उसने दबाव को बढ़ा दिया।
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समिति ने पाया कि प्लांट में अलार्म सिस्टम का इस्तेमाल भी नहीं किया गया। जबकि 36 जगह अलार्म लगा था। अलार्म का इस्तेमाल किया गया होता तो लोग खतरे से आगाह हो जाते। समिति के अन्य सदस्यों में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान देहरादून के निदेशक अंजन रे, आरके एलानगोवन, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पुणे) के क्षेत्रीय निदेशक भरत कुमार शर्मा आदि शामिल थे।
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