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Gang Rape Case: अंडमान के पूर्व मुख्य सचिव की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, जानें पूरा मामला

Thu, 10 Nov 2022 08:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 10 Nov 2022 08:34 PM IST
सार

फैसले के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों की एक टीम उस निजी रिसॉर्ट पहुंची, जहां नारायण ठहरे हुए थे। भारी सुरक्षा के बीच उन्हें पुलिस लाइन ले गए।

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Gang rape case: Anticipatory bail plea of former Andaman chief secretary rejected
court new - फोटो : istock

विस्तार

एक स्थानीय कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में अंडमान और निकोबार के पूर्व मुख्य सचिव जितेंद्र नारायण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। फैसले के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों की एक टीम उस निजी रिसॉर्ट पहुंची, जहां नारायण ठहरे हुए थे। भारी सुरक्षा के बीच उन्हें पुलिस लाइन ले गए। यहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।

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एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) मामले में नारायण से तीन बार पूछताछ कर चुकी है। एसआईटी का गठन उन आरोपों की जांच के लिए किया गया था कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 वर्षीय एक युवती को सरकारी नौकरी का झांसा देकर मुख्य सचिव के घर ले जाया गया। फिर वहां नारायण सहित शीर्ष अधिकारियों ने उससे बलात्कार किया।
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नारायण के लिए अग्रिम जमानत का अनुरोध करते हुए उनके वकील दीप कबीर ने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव जांच में सहयोग कर रहे हैं और उन्हें राहत दी जानी चाहिए। पीड़िता के वकील फटिक चंद्र दास के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाशीष कुमार कर ने हैरानी जताई कि उन्हें राहत किस आधार पर मिलनी चाहिए क्योंकि मामले के दो अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज कर दी गई थी।
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न्यायाधीश ने कहा, चूंकि नारायण काफी समय तक अंडमान के मुख्य सचिव रहे और उनकी शक्ति और हैसियत की तुलना सामान्य स्तर के व्यक्ति के साथ नहीं की जा सकती। आदेश में कहा गया कि उचित और निष्पक्ष जांच के लिए वर्तमान याचिकाकर्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता है।


FIR एक अक्तूबर को दर्ज की गई थी, जब नारायण को दिल्ली वित्तीय निगम के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में पदस्थापित किया गया था। सरकार ने उन्हें 17 अक्तूबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अंडमान और निकोबार पुलिस ने दो नवंबर को ऋषि और सिंह के बारे में सूचना देने वाले के लिए एक-एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की। दोनों फरार हैं।

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