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अमेरिका और कनाडा के नागरिकों से जबरन वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार
Sun, 13 Sep 2020 02:56 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 13 Sep 2020 02:56 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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महाराष्ट्र की मुंबई क्राइम ब्रांच ने अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को वित्तीय मामलों में कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर जबरन वसूली करने वाले एक कॉल सेंटर रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह में शामिल लोग खुद को आईआरएस और इमिग्रेशन अधिकारी के तौर पर पेश करते थे। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
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अधिकारियों ने बताया कि क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट ने मलाड से एक व्यक्ति को 29 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में इस कॉल सेंटर का खुलासा हुआ। यह कॉल सेंटर मारवे रोड स्थित इज्मिमा मार्केट और सेज प्लाजा से संचालित हो रहा था। इसके बाद सीआईयू की टीमों ने पांच कॉल सेंटरों पर छापा मारा और छह लोगों को गिरफ्तार किया।
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छापे की कार्रवाई शनिवार तड़के तक चली। गिरफ्तार किए गए लोगों में फैजान बालिम (23), जीशान अंसारी (21), गणेश सिंह राजपूत (27), मोहम्मद शहबाज कोरीपोडी, नितिन राणे (42) और काजिर सैयद (29) शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को इंटरनल रेवेन्यू सर्विस या इमिग्रेशन अधिकारी बनकर फोन करते थे और सरकार को पैसा नहीं चुकाने पर जुर्माना, जेल या तक प्रत्यर्पण की धमकी देते थे। ये विदेशी नंबर गैरकानूनी ढंग से हासिल करते थे। साथ ही ये भी पाया गया कि ये लोग ट्रामाडोल जैसा ड्रग और सिल्डेनाफिल नामक दवाएं भी बेचते थे।
अधिकारियों ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए लागू सामाजिक दूरी के नियमों के बावजूद कॉल सेंटरों में 81 पुरुष और 26 महिलाएं काम कर रही थी।