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Maharashtra: 'चुनाव से पहले गणेशोत्सव को राजनीति का मंच न बनाएं', शीर्ष समन्वयक संस्था की गणेश मंडलों को सलाह
Tue, 26 Aug 2025 03:06 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 26 Aug 2025 03:06 PM IST
सार
Maharashtra: बृहन्मुंबई सर्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने सभी गणेश मंडलों से अपील की है कि वे आगामी निकाय चुनाव से पहले गणेशोत्सव को राजनीतिक रंग देने से बचें और मराठी संस्कृति और भाषा को बढ़ावा दें। समिति ने कहा कि त्योहार की पवित्रता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
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गणेशोत्सव 2025
- फोटो : instagram
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विस्तार
मुंबई के गणेश मंडलों की शीर्ष समन्वय संस्था ने उनसे अपील की है कि वे आने वाले नगर निगम चुनावों को ध्यान में रखते हुए गणपति उत्सव को राजनीतिक माहौल से दूर रखें और इस त्योहार के दौरान मराठी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दें। महाराष्ट्र सरकार ने 10 दिनों तक चलने वाले इस 'गणेशोत्सव' को 'राज्य उत्सव' का दर्जा दिया है, जो बुधवार से शुरू हो रहा है।
बृहन्मुंबई सर्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने सोमवार को एक बयान में कहा कि गणेशोत्सव एक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है और इसे अपनी पवित्रता बनाए रखने के लिए राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र के नांदेड़ में महिला और उसके प्रेमी को पीटकर कुएं में फेंका, हिरासत में लिए गए तीन रिश्तेदार
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समिति ने लोकमान्य तिलक की दृष्टि का हवाला देते हुए, जिन्होंने सार्वजनिक गणेशोत्सव को एक एकता की आंदोलन के रूप में शुरू किया था, मंडलों से अनुरोध किया कि वे त्योहार के दौरान मराठी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दें। समिति ने कहा कि यह मंडलों की जिम्मेदारी है कि वे समृद्ध मराठी विरासत को प्रदर्शित करें और इसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाएं। समिति ने कहा, त्योहार की बढ़ती लोकप्रियता और भव्यता के साथ मंडलों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है, खासकर कानून व्यवस्था, सुरक्षा और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने में।
सभी सार्वजनिक गणेश मंडलों से समिति ने अपील की है कि वे गणेश उत्सव का आयोजन सुचारू और अनुशासित रूप से करें, भीड़ को नियंत्रित रखें और दंगा-फसाद जैसी स्थिति से बचें। पिछले चार दशकों से यह समिति गणेश मंडलों, राज्य सरकार, नगरपालिका अधिकारियों और पुलिस के बीच समन्वय कर रही है, ताकि अनुमति और शोभायात्रा प्रबंधन जैसे त्योहार से जुड़े मुद्दों को हल किया जा सके।
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बृहन्मुंबई सर्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति ने सोमवार को एक बयान में कहा कि गणेशोत्सव एक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है और इसे अपनी पवित्रता बनाए रखने के लिए राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
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समिति ने लोकमान्य तिलक की दृष्टि का हवाला देते हुए, जिन्होंने सार्वजनिक गणेशोत्सव को एक एकता की आंदोलन के रूप में शुरू किया था, मंडलों से अनुरोध किया कि वे त्योहार के दौरान मराठी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा दें। समिति ने कहा कि यह मंडलों की जिम्मेदारी है कि वे समृद्ध मराठी विरासत को प्रदर्शित करें और इसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाएं। समिति ने कहा, त्योहार की बढ़ती लोकप्रियता और भव्यता के साथ मंडलों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है, खासकर कानून व्यवस्था, सुरक्षा और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने में।
सभी सार्वजनिक गणेश मंडलों से समिति ने अपील की है कि वे गणेश उत्सव का आयोजन सुचारू और अनुशासित रूप से करें, भीड़ को नियंत्रित रखें और दंगा-फसाद जैसी स्थिति से बचें। पिछले चार दशकों से यह समिति गणेश मंडलों, राज्य सरकार, नगरपालिका अधिकारियों और पुलिस के बीच समन्वय कर रही है, ताकि अनुमति और शोभायात्रा प्रबंधन जैसे त्योहार से जुड़े मुद्दों को हल किया जा सके।
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