भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने आ गया है गुमनाम ‘गब्बर’ सिंह
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एक बार फिर गब्बर आ रहा है। एक और घोटाले को सबके सामने लाने। यह अक्षय कुमार की फिल्म ‘गब्बर इज बैक’ का डायलॉग नहीं बल्कि गुमनाम गब्बर सिंह के धमकी भरे पत्र की लाइनें हैं। उसने सेंट जोर्जेज कालेज की दोनों यूनिटों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टिंग आपरेशन के अलावा भ्रष्टाचार के अन्य सबूत जुटाने का दावा किया है।
कालेज के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न करने पर उसने खुद सजा देने की चेतावनी दी है। एडीएम सिटी को इस मामले की जांच के निर्देश हुए हैं। हाल ही में जिलाधिकारी कार्यालय पर एक गुमनाम गब्बर सिंह का चार पेज का पत्र मिला। इसे खोलते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्हें पिछले दिनों रिलीज हुई फिल्म ‘गब्बर इज बैक’ की कहानी याद आ गई।
इसमें गब्बर बने अक्षय कुमार अपनी टीम के साथ उन अधिकारियों और कर्मचारियों को खुद सजा देता है, जो भ्रष्टाचार में लिप्त होते हैं। इस गुमनाम गब्बर सिंह ने पत्र के माध्यम से कालेज को बचाने का हवाला देते हुए इसके प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के छह आरोप लगाए हैं। इसमें एडमिशन, फर्नीचर, परीक्षा, खेलकूद, सेलरी और शिक्षकों की भर्ती में घोटाले के आरोप हैं।
पहली बार आया ऐसा पत्र
यह पत्र उसने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों को भी मय सबूत के साथ भेजने का दावा किया है। ये किसी की शरारत है, महकमे में हड़कंप मचाने की साजिश या फिर व्यवस्था से आजिज आए किसी व्यक्ति द्वारा सबक सिखाने की योजना, इसकी सत्यता जांचने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय ने इस पत्र को जांच के लिए एडीएम सिटी के लिए भेजा है।
कलेक्ट्रेट में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि ऐसा शिकायती पत्र पहली बार आया है। गब्बर सिंह बने शिकायतकर्ता ने आरोपियों से गुनाह कबूल करने का सुझाव दिया है। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने की स्थिति में वह सबूतों को सार्वजनिक कर देगा। इसमें आरोपी की मदद करने वाले भी फंसेंगे।