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G20 Summit: जी20 सम्मेलन के मेहमान कौन होंगे, इसके लिए दिल्ली में तैयारियां कैसी, आप-भाजपा आमने-सामने क्यों?
Tue, 29 Aug 2023 05:21 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 29 Aug 2023 05:21 PM IST
सार
G20 Summit: 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में होने वाला जी-20 सम्मेलन 18वां होगा। सम्मेलन में 19 देशों के राष्ट्र अध्यक्ष और सरकार के प्रमुख भाग लेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इस सम्मेलन में शिरकत करेगा। साथ ही नौ देशों के प्रमुख, बतौर अतिथि देश, जी20 की बैठक में हिस्सा लेंगे।
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जी20 में विदेशी मेहमानों की सुरक्षा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत अगले महीने G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में शिरकत करने के लिए 19 देशों के मेहमान दिल्ली दौरे पर आएंगे। इससे पहले पूरे दिल्ली एनसीआर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। हालांकि, राजधानी का रंग रोगन आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच सियासी टकराव का कारण भी बन गया है।
G20 समूह क्या है? G20 शिखर सम्मेलन का कार्यक्रम क्या है? इसमें मेहमान कौन होंगे? इसके लिए तैयारियां कैसी की जा रहीं? आप और भाजपा में टकराव किस वजह से हो रहा? आइये समझते हैं...
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G20 समूह क्या है? G20 शिखर सम्मेलन का कार्यक्रम क्या है? इसमें मेहमान कौन होंगे? इसके लिए तैयारियां कैसी की जा रहीं? आप और भाजपा में टकराव किस वजह से हो रहा? आइये समझते हैं...
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G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
पहले जानते हैं कि G20 समूह क्या है?
सितंबर 1999 में जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों ने जी-20 का गठन एक अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर किया था। जी-20 की शुरुआत 1999 में एशिया में आए वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों की बैठक के तौर पर हुई थी। वर्ष 2008 में जी-20 के नेताओं का पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था और समूह ने वैश्विक वित्तीय संकट से निटपने में अहम भूमिका निभाई थी।
यह मंच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के साथ देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत एवं सहयोग को बढ़ावा देता है। यह समूह (जी-20) अपने सदस्यों के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और कुछ मुद्दों पर निर्णय करने के लिए प्रमुख मंच है। इसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है।
जी-20- वित्तीय स्थिरता बोर्ड, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन के साथ मिलकर काम करता है। जी-20 के नेता वर्ष में एक बार साथ मिलते हैं और बैठक करते हैं। कई अन्य संगठनों को भी जी-20 की प्रमुख बैठकों में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
जी-20 के सदस्य वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का करीब 85 फीसदी, वैश्विक व्यापार के 75 फीसदी और विश्व की आबादी के दो-तिहाई से अधिक का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके सदस्यों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
सितंबर 1999 में जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों ने जी-20 का गठन एक अंतरराष्ट्रीय मंच के तौर पर किया था। जी-20 की शुरुआत 1999 में एशिया में आए वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों की बैठक के तौर पर हुई थी। वर्ष 2008 में जी-20 के नेताओं का पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था और समूह ने वैश्विक वित्तीय संकट से निटपने में अहम भूमिका निभाई थी।
यह मंच अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के साथ देशों के बीच अनौपचारिक बातचीत एवं सहयोग को बढ़ावा देता है। यह समूह (जी-20) अपने सदस्यों के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और कुछ मुद्दों पर निर्णय करने के लिए प्रमुख मंच है। इसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है।
जी-20- वित्तीय स्थिरता बोर्ड, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन के साथ मिलकर काम करता है। जी-20 के नेता वर्ष में एक बार साथ मिलते हैं और बैठक करते हैं। कई अन्य संगठनों को भी जी-20 की प्रमुख बैठकों में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
जी-20 के सदस्य वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का करीब 85 फीसदी, वैश्विक व्यापार के 75 फीसदी और विश्व की आबादी के दो-तिहाई से अधिक का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके सदस्यों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
जी-22 शिखर सम्मेलन
- फोटो : Agency (File Photo)
कौन होंगे G20 सम्मेलन के मेहमान?
9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में होने वाला सम्मेलन 18वां होगा। सम्मेलन में 19 देशों के राष्ट्र अध्यक्ष और सरकार के प्रमुख भाग लेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इस सम्मेलन में शिरकत करेगा। साथ ही नौ देशों के प्रमुख, बतौर अतिथि देश, जी20 की बैठक में हिस्सा लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (यूएन, आईएमएफ, डब्ल्यूबी, डब्ल्यूएचओ, डब्ल्यूटीओ, आईएलओ, एफएसबी और ओईसीडी) और क्षेत्रीय संगठनों (एयू, एयूडीए-एनईपीएडी और आसियान) के अतिरिक्त G20 के अध्यक्ष के रूप में भारत द्वारा आईएसए, सीडीआरआई और एडीबी को अतिथि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के रूप में आमंत्रित किया गया है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि रूस का प्रतिनिधित्व रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे।
9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में होने वाला सम्मेलन 18वां होगा। सम्मेलन में 19 देशों के राष्ट्र अध्यक्ष और सरकार के प्रमुख भाग लेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इस सम्मेलन में शिरकत करेगा। साथ ही नौ देशों के प्रमुख, बतौर अतिथि देश, जी20 की बैठक में हिस्सा लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (यूएन, आईएमएफ, डब्ल्यूबी, डब्ल्यूएचओ, डब्ल्यूटीओ, आईएलओ, एफएसबी और ओईसीडी) और क्षेत्रीय संगठनों (एयू, एयूडीए-एनईपीएडी और आसियान) के अतिरिक्त G20 के अध्यक्ष के रूप में भारत द्वारा आईएसए, सीडीआरआई और एडीबी को अतिथि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के रूप में आमंत्रित किया गया है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि रूस का प्रतिनिधित्व रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे।
G20 Summit
- फोटो : Social Media
इसके लिए तैयारियां कैसी की जा रहीं?
जी-20 के दौरान अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने नई दिल्ली को एक बेहतरीन स्थान के रूप में दिखाने के लिए जोर शोर से तैयारी चल रही है। सबसे ज्यादा कार्यक्रम एनडीएमसी एरिया में होने हैं, लिहाजा पूरे लुटियन जोन को सजाने-संवारने का काम जोरों पर चल रहा है। अधूरे कामों को इसी सप्ताह समाप्त कर उन्हें बेहतर तरीके से पेश करने के लिए बेहतरीन बनाया जा रहा है।
जी-20 कार्यक्रम में आने वाले मेहमान लाल किला, राजघाट और कुछ अन्य स्थानों पर जाने का कार्यक्रम बना सकते हैं। इसे देखते हुए इन ऐतिहासिक स्मारकों के आसपास के क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है। मेहमानों के सामने दिल्ली की विशेष छवि पेश करने की तैयारी है, इसके लिए सुविधाओं की उपलब्धता से लेकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनडीएमसी क्षेत्र में हर स्थान को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाने के लिए काम किया जा रहा है। स्वच्छता विभाग के विशेष अधिकारियों की तैनाती कर हर स्थान को साफ-सुथरा बनाने का काम किया जा रहा है।
जी-20 के दौरान अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने नई दिल्ली को एक बेहतरीन स्थान के रूप में दिखाने के लिए जोर शोर से तैयारी चल रही है। सबसे ज्यादा कार्यक्रम एनडीएमसी एरिया में होने हैं, लिहाजा पूरे लुटियन जोन को सजाने-संवारने का काम जोरों पर चल रहा है। अधूरे कामों को इसी सप्ताह समाप्त कर उन्हें बेहतर तरीके से पेश करने के लिए बेहतरीन बनाया जा रहा है।
जी-20 कार्यक्रम में आने वाले मेहमान लाल किला, राजघाट और कुछ अन्य स्थानों पर जाने का कार्यक्रम बना सकते हैं। इसे देखते हुए इन ऐतिहासिक स्मारकों के आसपास के क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है। मेहमानों के सामने दिल्ली की विशेष छवि पेश करने की तैयारी है, इसके लिए सुविधाओं की उपलब्धता से लेकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनडीएमसी क्षेत्र में हर स्थान को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाने के लिए काम किया जा रहा है। स्वच्छता विभाग के विशेष अधिकारियों की तैनाती कर हर स्थान को साफ-सुथरा बनाने का काम किया जा रहा है।
वीरेंद्र सचदेवा
- फोटो : सोशल मीडिया
आप और भाजपा में टकराव किस वजह से हो रहा?
जी-20 सम्मेलन की तैयारियों के बीच भाजपा और आप राजधानी के रंग रोगन के श्रेय के लिए भिड़ते दिखाई दे रहे हैं। इन परियोजनाओं के लिए पैसे किसने-किसने दिया, यह आप और भाजपा के बीच विवाद का एक विषय बना हुआ है। रविवार को कई AAP नेताओं ने एक्स पर राष्ट्रीय राजधानी के सुंदर हिस्सों की तस्वीरें और एक वीडियो डाला। इसके बाद दोनों पार्टियों में इस बात पर बहस हुई कि शहर के सौंदर्यीकरण का श्रेय किसे लेना चाहिए।
भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने एक बयान में कहा कि दिल्ली को सजाने और संवारने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल का आभार व्यक्त करता हूं। मोदी सरकार और उपराज्यपाल दिल्ली के नवीनीकरण के कार्य में लगे हुए हैं।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली को शर्मसार करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। केंद्र सरकार अब तक G-20 के लिए सारा खर्चा वहन कर रही है, केजरीवाल बताएं उन्होंने कितना किया। मोदी सरकार के कामों को अपना बताकर झूठा क्रेडिट लेना अरविंद केजरीवाल की पुरानी आदत है।
AAP ने किया पलटवार
आप ने भाजपा के इस दावे को खारिज कर दिया कि सौंदर्यीकरण के लिए केंद्र सरकार से मदद मिल रही है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि भाजपा को आप सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों पर अपना दावा करना पड़ा। पीडब्ल्यूडी सड़कों के लिए सभी धनराशि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी द्वारा आवंटित और खर्च की गई थी और एमसीडी सड़कों को एमसीडी द्वारा वित्त पोषित किया गया था।
जी-20 सम्मेलन की तैयारियों के बीच भाजपा और आप राजधानी के रंग रोगन के श्रेय के लिए भिड़ते दिखाई दे रहे हैं। इन परियोजनाओं के लिए पैसे किसने-किसने दिया, यह आप और भाजपा के बीच विवाद का एक विषय बना हुआ है। रविवार को कई AAP नेताओं ने एक्स पर राष्ट्रीय राजधानी के सुंदर हिस्सों की तस्वीरें और एक वीडियो डाला। इसके बाद दोनों पार्टियों में इस बात पर बहस हुई कि शहर के सौंदर्यीकरण का श्रेय किसे लेना चाहिए।
भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने एक बयान में कहा कि दिल्ली को सजाने और संवारने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल का आभार व्यक्त करता हूं। मोदी सरकार और उपराज्यपाल दिल्ली के नवीनीकरण के कार्य में लगे हुए हैं।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली को शर्मसार करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। केंद्र सरकार अब तक G-20 के लिए सारा खर्चा वहन कर रही है, केजरीवाल बताएं उन्होंने कितना किया। मोदी सरकार के कामों को अपना बताकर झूठा क्रेडिट लेना अरविंद केजरीवाल की पुरानी आदत है।
AAP ने किया पलटवार
आप ने भाजपा के इस दावे को खारिज कर दिया कि सौंदर्यीकरण के लिए केंद्र सरकार से मदद मिल रही है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि भाजपा को आप सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों पर अपना दावा करना पड़ा। पीडब्ल्यूडी सड़कों के लिए सभी धनराशि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी द्वारा आवंटित और खर्च की गई थी और एमसीडी सड़कों को एमसीडी द्वारा वित्त पोषित किया गया था।