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G20: विदेशी मेहमानों की सुरक्षा का अचूक सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए ‘पुलिस’ पर भी दोहरी निगरानी
सार
प्रगति मैदान एवं दूसरे स्थलों पर अचूक सुरक्षा के लिए एआई से लैस कैमरे एवं आरएफआईडी गेट तैयार किए गए हैं। कोई भी हरकत, एआई कैमरे में तुरंत कैद हो जाएगी। अगर कोई सुरक्षा कर्मी या सिविल कपड़ों में तैनात स्टाफ, जमीन की तरफ झुकता है, घुटनों के बल चलने का प्रयास करता है या अन्य किसी तरह की कोई असामान्य हरकत करता है तो उसका अलर्ट कंट्रोल रूम को मिल जाएगा।
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G20
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
18वें जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों की अचूक सुरक्षा के लिए 'मल्टीलेयर सिक्योरिटी सिस्टम' तैयार किया गया है। मेहमानों के होटल में ठहरने, वहां से रवाना होने, आयोजन स्थल तक पहुंचने और दूसरे किसी तय स्थान पर जाना, इन सबके लिए कई परतों वाला विशेष सुरक्षा घेरा रहेगा। प्रगति मैदान स्थित आयोजन स्थल एवं दूसरी जगह पर तैनात सुरक्षा कर्मी, अपनी एक्टिव ड्यूटी से इधर-उधर न हों, तैनाती का स्थान न बदलें, इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस 'एआई' के जरिए उन पर दोहरी निगरानी रखी जाएगी।
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खासतौर से, शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल पर पुलिस कर्मियों को अंदर प्रवेश करने से पहले दोहरी जांच का सामना करना पड़ेगा। एक, उन्हें विशेष ड्यूटी कार्ड जारी किया गया है। वह कार्ड उनके पास होना चाहिए। दूसरा, उनके पास कार्ड भी है तो उन्हें 'एआई' के माध्यम से अपनी पहचान भी साबित करनी होगी। आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) गेट पर लगा एआई कैमरा बताएगा, कि वह पुलिस कर्मी गलत नहीं है।
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एआई से लैस कैमरे एवं आरएफआईडी गेट तैयार
सूत्रों का कहना है कि जी20 जैसे बड़े सम्मेलन के दौरान इस तरह की दोहरी जांच प्रणाली अपनाई जा रही है। हालांकि दूसरे बड़े आयोजनों में पुलिस कर्मियों को जो विशेष पास जारी किए जाते हैं, वे काफी होते हैं। पास को देखकर पुलिस कर्मियों को अपने ड्यूटी स्थल तक जाने की इजाजत दी जाती है। चूंकि जी20 शिखर सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भाग ले रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाती।
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प्रगति मैदान एवं दूसरे स्थलों पर अचूक सुरक्षा के लिए एआई से लैस कैमरे एवं आरएफआईडी गेट तैयार किए गए हैं। कोई भी हरकत, एआई कैमरे में तुरंत कैद हो जाएगी। अगर कोई सुरक्षा कर्मी या सिविल कपड़ों में तैनात स्टाफ, जमीन की तरफ झुकता है, घुटनों के बल चलने का प्रयास करता है या अन्य किसी तरह की कोई असामान्य हरकत करता है तो उसका अलर्ट कंट्रोल रूम को मिल जाएगा।
बिना कार्ड के सुरक्षा कर्मी अंदर नहीं आ सकता
कई बार एक ही आयोजन स्थल को कई जोन में बांटा जाता है। सभी जोन में अलग अलग सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी होती है। नियमानुसार, वे सुरक्षा कर्मी अपना जोन नहीं छोड़ सकते। न ही वे दूसरे जोन में प्रवेश कर सकते हैं। प्रगति मैदान स्थित मुख्य आयोजन स्थल और दूसरे स्थान, जहां विदेशी मेहमान जाएंगे, वहां डबल जांच सिस्टम लागू रहेगा। कोई भी पुलिस कर्मी, बिना कार्ड के वहां पर प्रवेश नहीं कर सकता। जिसकी ड्यूटी लगी है और उसके पास वह कार्ड है, जिसे प्राधिकृत अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया है, उसे चेक करने के बाद ही पुलिस कर्मी को तय जोन में जाने की इजाजत मिलेगी।
दूसरा, जब भी वह पुलिस कर्मी अपने जोन में दाखिल होगा तो उसे कार्ड दिखाने के अलावा एआई से लैस कैमरे एवं आरएफआईडी गेट की जांच से गुजरना होगा। एआई से लैस कैमरे में जैसे ही पुलिस कर्मी का फोटो आएगा, वह बताएगा कि संबंधित पुलिस कर्मी ठीक है या गलत। यहां पर किसी पुलिसकर्मी ने आयोजन स्थल के भीतर दाखिल होने का प्रयास किया तो वह अलर्ट कंट्रोल रूम में चला जाएगा। मुख्य आयोजन स्थल पर सौ से अधिक फेस रिकग्नाइजेशन कैमरे लगाए गए हैं।