फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Full Story of queen Padmavati and why Sanjay Leela Bhansali is attacked

क्यों हुआ संजय लीला भंसाली पर हमला, कौन थीं पद्मावती, जानें

Mon, 30 Jan 2017 02:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 30 Jan 2017 02:11 PM IST
विज्ञापन
Full Story of queen Padmavati and why Sanjay Leela Bhansali is attacked
रानी पद्मावती का सांकेतिक चित्र - फोटो : Bibliothèque nationale de France, Paris/Wikimedia Commons
निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली ऐतिहासिक और भव्य फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी अगली फिल्म पद्मावती अभी निर्माण के दौर से गुजर रही है। लेकिन शनिवार को राजस्थान में शूटिंग वक्त उन पर राजपूत करणी सेना ने हमला कर दिया। भंसाली की पिटाई हुई और उन्हें फिल्म की शूटिंग बीच में ही रोककर मुंबई वापस जाना पड़ा। लेकिन जिस फिल्म और उसके किरदार पद्मावती को लेकर जो विवाद हुआ, आखिर उसकी असल कहानी क्या है? आखिर क्यों संजय लीला भंषाली पद्मावती पर फिल्म बना रहे हैं और क्यों राजपूत करणी सेना इतनी उग्र हो गई कि उसे मारपीट पर उतारू होना पड़ा? 
विज्ञापन


क्या है इतिहासकारों की राय, क्यों बन रही है फिल्म?

रानी पद्मावती को लेकर इतिहासकारों में अलग-अलग मत हैं। कुछ पद्मावती की गौरवगाथा को इतिहास का हिस्सा बताते हैं, तो कुछ इसे महज कोरी कल्पना करार देते हैं। इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि किस तरह धारावाहिक या फिल्म निर्माता एक डिस्क्लेमर (शुरू में ही की गई घोषणा की हमारी कहानी का किसी जीवत या मृत व्यक्त से कोई लेना देना नहीं है) की आड़ में इतिहास के साथ मन मर्जी छेड़खानी करते हैं। उन्होंने कहा कि भक्तिकाल के कवि मलिक मोहम्मद जायसी की एक रचना ‘पद्मावत’ का एक किरदार है पद्मावती। इसका वास्तविक इतिहास से कोई लेना देना नहीं है। पद्मावत ग्रंथ को जायसी ने अकबर के समय करीब 1550 के आसपास लिखा था। इस कहानी में अलाउद्दीन खिलजी का जिक्र आया है, लेकिन अलाउद्दीन खिलजी का काल 1296 से 1316 के बीच का रहा। 
विज्ञापन


हबीब ने बताया कि मेवाड़ के राजा रतन सिंह को लंका की राजकुमारी पद्मावती से प्रेम हो जाता है और वह शादी करके उसे मेवाड़ ले आते हैं। एक युद्ध में अलाउद्दीन खिलजी रतन सिंह को बंदी बना कर दिल्ली ले जाता है। पद्मावती अपनी चतुराई से धोखा देकर रतन सिंह को कैद से निकाल ले आती हैं। बाद में एक युद्ध में रतन सिंह की मौत हो जाती है। इस बीच अलाउद्दीन पद्मावती को चाहने लगता है और उसे हासिल करने की ख्वाहिश करता है। रतन सिंह की मौत के बाद वह पद्मावती को हासिल करने जाता है, लेकिन उससे पहले ही वह स्वयं को सती कर लेती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पद्मावती के सौंदर्य की बात खिलजी तक कैसे पहुंची?

Full Story of queen Padmavati and why Sanjay Leela Bhansali is attacked
रानी पद्मावती का चित्तौड़ स्थित महल - फोटो : tourism.rajasthan.gov.in
सूफी संत मलिक मोहम्मद जायसी ने अपने महाकाव्य पद्मावत में पद्मावती की कहानी बताई है। जायसी के मुताबिक रतनसेन एक ऐतिहासिक पुरुष और चित्तौड़ का राजा था, पद्मावती उसकी वह रानी थी। पद्मावती के सौंदर्य की प्रशंसा सुनकर तत्कालीन दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी उसे पाने के पागल हो उठा और चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया। उसने युद्ध जीता लेकिन उसे पद्मावती नहीं मिल सकी। पति रतनसेन की मौत के बाद पद्मावती ने अन्य राजपूत औरतों के साथ जौहर (आग में कूदकर मरना) कर लिया।

लेकिन मुगल शासक खिलजी तक पद्मावती के सौंदर्य की बात पहुंची कैसे, इसके पीछे भी एक कहानी है। 

दरअसल, कहानी यह है कि पद्मावती सिंहल द्वीप (आज का श्रीलंका) का राजा गंधर्वसेन की पुत्री थीं। उनका नाम पद्मिनी भी कहा जाता था। उसने एक तोता पाल रखा था, जिसका नाम हीरामन था। एक दिन पद्मावती की गैरमौजूदगी में बिल्ली के आक्रमण से बचकर तोता भाग निकला और एक बहिलिए ने उसे कैद कर लिया। एक ब्राह्मण ने बहेलिए से तोते को खरीद लिया। ब्राह्मण ने चित्तौड़ पहुंचकर वहां के राजा रतनसिंह राजपूत को तोता बेच दिया। तोते ने राजा को पद्मावती अद्भुत सौंदर्य के बारे में सुनाया। रतन सिंह पद्मावती को पाने के लिए निकल पड़ा।

​जंगली रास्तों और समंदर को पार करके रतन सिंह सिंहल पहुंचा। साथ में वह तोता भी था। रतन सिंह ने तोते के द्वारा पदमावती के पास अपना प्रेमसंदेश भेजा। पद्मावती राजा रतम सिंह से मिलने एक शिव मंदिर में आई। पद्मावती को देखते ही राजा होश खो बैठा और मूर्छित हो गया। पद्मावती को कुछ समझ नहीं आया और उसने राजा की छाती पर चंदन से लिख दिया कि उसे वह तब पा सकेगा जब वह सात आकाशों जैसे ऊंचे सिंहलगढ़ पर चढ़कर आएगा।

पद्मावती की सुंदरता पर मुग्ध था अलाउद्दीन खिलजी

Full Story of queen Padmavati and why Sanjay Leela Bhansali is attacked
तालाब से घिरा रानी का महल
होश आने पर रतन सिंह ने तोते बताए गुप्त मार्ग से सिंहल गढ़ में प्रवेश किया। राजा को रतन सिंह के बारे में जब यह खबर मिली तो उसने उसे शूली पर चढ़ाने का आदेश दे दिया। लेकिन जब तोते हीरामन से राजा को रतनसिंह राजपूत के बारे में सही जानकारी मिली तो उसने पद्मावती की शादी उसके साथ कर दी। रतनसिंह राजपूत की पहली पत्नी नागमती थी। अपने पति के वियोग में उसने साल भर का वक्त कैसे भी काटा लेकिन हद से ज्यादा व्याकुल होने पर उसने एक एक पक्षी के द्वारा अपनी हालत के बारे में रतन सिंह के पास अपने संदेश भिजवाया। रतनसिंह पद्मावती को लेकर चित्तौड़ लौट आया।

रतन सिंह की सभा में राघवसेन नाम का एक पंडित था, वह जादूगर भी था। एक दिन वह अधर्मी कामों रंगे हाथ पकड़ लिया गया और रतनसिंह ने उसे निष्कासित कर दिया। अपमान का घूंट पीकर राघवसेन रतन सिंह से बदलना लेने की सोचने लगा। वह दिल्ली जाकर तत्कालीन सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की सेवा में लग गया। वह जब भी खिलजी पास अपनी मौजूदगी का मौका पाता, उससे रानी पद्मावती के सौंदर्य की बात छेड़ देता। पद्मावती के सौंदर्य की बात सुनकर अलाउद्दीन उसको पाने की ललक से चित्तौड़ पहुंचा। अलाउद्दी ने रतनसिंह से कहा कि वह पद्मावती को अपनी बहन मानता है, इसलिए उनसे मिलना चाहता है। रतनसिंह ने पद्मावती से इस बारे में पूछा तो रानी ने कहा कि वह केवल तालाब के पानी में अलाउद्दीन को अपना चेहरा दिखाएगी। अलाउद्दीन इसके लिए तैयार हो गया। 
 

तालाब के पानी में पद्मावती की सुंदरता देख पागल हो उठा था अलाउद्दीन

Full Story of queen Padmavati and why Sanjay Leela Bhansali is attacked

तालाब के पानी में पद्मावती का चेहरा देखकर अलाउद्दीन वासना के ऐसा वशीभूत हुआ कि रानी को पाने की खातिर युद्ध छेड़ दिया। उसने चित्तौड़ के किले के बाहर घेरा बंदी कर दी। उसने धोखे से रतन सिंह बंदी बनाने की साजिश रची। संधि के लिए संदेश भेजा गया। रतन सिंह अलाउद्दीन को विदा करने के लिये किले से बाहर निकला। अलाउद्दीन ने रतन सिंह को बंदी बनाया और दिल्ली की ओर कूच किया।


उधर पद्मावती अपने पति को आजाद कराने के लिये वह अपने सामंतों गोरा और बादल से मिलीं। गोरा बादल ने रतन सिंह सोलह सौ पालकियां सजाईं जिनके भीतर असलहों से लैस राजपूत सैनिकों को बैठाया गया था। वे पालकियों को लेकर दिल्ली की ओर चले। पद्मावती ने अलाउद्दीन को संदेश भेजा कि वह अपनी चेरियों के साथ सुल्तान की सेवा में आई है और आखिरी बार अपने पति रतन सिंन से मिलना चाहती है। अलाउद्दीन तैयार हो गया। पालकियों में बैठे राजपूतों ने रतन सिंह बेड़ियों से आजाद किया और उसे लेकर चित्तौड़ वापस आ गए। 

पद्मावती ने अपने पति रतन सिंह को बताया कि जिस वक्त वह दिल्ली में बंदी था, कुंभलनेर के राजा देवपाल ने उसके पास पास प्रेमप्रस्ताव भेजा था। रतन सिंह यह बात सुनकर आग बबूला हो उठा और सीधा कुंभलनेर पहुंचकर देवपाल को द्वंद्व युद्ध के लिए ललकारा। 

रतन सिंह ने द्वंद्व युद्ध में मार गिराया लेकिन खुद भी बहुत जख्मी हो गया। चित्तौड़ पहुंचते ही रतन सिंह की जख्मी हालत में मौत हो गई। पद्मावती और नागमती ने भी उसके शव के साथ सती होना उचित समझा। उधर, अलाउद्दीन रतन सिंह का पीछा करता हुआ चित्तौड़ पहुंचा तो उसे पद्मावती की चिता की राख मिली।
 

क्या है विवाद?

Full Story of queen Padmavati and why Sanjay Leela Bhansali is attacked

राजस्थान का राजपूत समाज संजयलीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का विरोध कर रहा है। राजपूतों के मुताबिक 16 हजार रानियों के साथ जौहर (आत्मसम्मान के लिए आत्मदाह) करने वाली रानी को अलाउद्दीन खिलजी के साथ दिखाया जा रहा है, ऐसे में राजपूतों का जिंदा रहना ही बेकार है। राजस्थान की धरती पर समाज के अपमानवाली शुटिंग और फिल्म दोनों को नहीं चलने दिया जाएगा।

गुजरात की महाकाल सेना ने भी करणी सेना का समर्थन दिया। शिवसेना ने कहा कि हिंदू राजा-रानियों का चरित्र हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

करणी सेना के नेता लोकेन्द्र सिंह कालवी ने पत्रकारों से कहा कि करणी सेना के कार्यकर्ता जयगढ़ किले में भंसाली से बातचीत करने गए थे। लेकिन उन्होंने फायरिंग की, जिससे कार्यकर्त्ता उग्र हो गए। इस कारण ही वहां तोड़फोड़ हुई। राजपूत समाज ने इतिहास से छेड़छाड़ कर रानी पद्मावती की छवि खराब करने को लेकर कई बार भंसाली को पत्र लिखे हैं, लेकिन उनकी ओर से ध्यान ही नहीं दिया गया। इतिहास की किसी भी किताब में पद्मावती को खिलजी की प्रेमिका नहीं बताया गया है। करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि आपत्तिजनक हिस्से कहानी से नहीं हटाए गए, तो बुरे नतीजे भुगतने होंगे।

 


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed