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Hindi News ›   India News ›   From President Trump's statements to the monsoon session of Parliament

कानों देखी: राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों से लेकर संसद के मानसून सत्र तक

Fri, 01 Aug 2025 09:44 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Fri, 01 Aug 2025 09:44 PM IST
सार

संसद भवन के मानसून सत्र में राष्ट्रपति ट्रंप खूब छाए हैं। इसके साथ ही सदन में ऑपरेशन सिंदूर और एसआईआर का मुद्दा भी छाया रहा। जिसे लेकर विपक्षी दल जमकर हंगामा कर रहे हैं। पढ़ें इस सत्र में अब तक कौन-कौन से मुद्दे छाए रहे?

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From President Trump's statements to the monsoon session of Parliament
पीएम नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

संसद भवन के मानसून सत्र में राष्ट्रपति ट्रंप खूब छाए हैं। ट्रंप के अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ को लेकर भी चर्चा नहीं थम रही है। विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के नेता भी ट्रंप का खूब नाम ले रहे हैं। एक वर्तनमान केन्द्रीय मंत्री को भी ट्रंप के बयानों ने बहुत हैरान कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार इस बारे में अमेरिका से सीधे बात करनी चाहिए। राजद के एक सांसद तो ट्रंप को बड़ा क्रेडिट दे रहे हैं। सांसद का कहना है कि पूरा विपक्ष मिलकर आपरेशन सिन्दूर पर सरकार की विफलता बताने के लिए नहीं कर पाया, वह अकेले राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों ने कर दिया। डीएमके के सांसद से रहा नहीं गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति से पीछे हमारे उपराष्ट्रपति भी नहीं थे। उन्होंने इस्तीफा देकर सरकार में सब कुछ ठीक न होने की पोल ही खोलकर रख दी।

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नितिन गड़करी की तरफ बढ़ रही है निगाहें
वरिष्ठ केन्द्रीय मंत्री नितनि गड़करी अपने शानदार अंदाज के लिए जाने जाते हैं। संसद भवन से लेकर मंत्रालय और आवास तक नितिन गड़करी के इस अंदाज में कोई बदलाव नहीं आया है। कांग्रेस के नेता भी नितिन गड़करी को काफी पसंद करते हैं। सत्ता पक्ष के नेताओं में भी एक बड़ा तबका नितिन गड़करी को काफी इज्जत देता है। भाजपा के सहयोगी दल जद(यू) के एक नेता का कहना है कि नितिन कभी अपना स्तर नहीं गिराते। संसद में भी गड़करी अपनी शालीनता बनाए रखते हैं।
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कौन संभालेगा कांस्टीट्यूशन क्लब की कमान?
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सासंद राजीव प्रताप रूढ़ी दो दशक से अधिक समय से कास्टीट्यूशन क्लब के सचिव (प्रशासन) की कमान संभाले हैं। हर बड़ा नेता जिसने रूडी को चुनौती दी, वह हारा। लेकिन इस बार का मुकाबला थोड़ा ‘टफ’नजर आ रहा है। 12 अगस्त को मतदान है। इस बार चुनाव में रूड़ी को भाजपा के ही सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजीव कुमार बालियान चुनौती दे रहे हैं। बालियान इसके लिए करीब करीब हर सांसद के घर एक से अधिक बार जा चुके हैं। जोरदार प्रचार कर रहे हैं। हालांकि रूड़ी की पकड़ कई पार्टी के सांसदों में है। भाजपा के भीतर भी रूड़ी व्यक्तित्व के मामले में रूड़ी पर भारी हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि बालियान को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रिय माना जाता है। मजे की बात यह भी है कि रूड़ी भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अपना राजनीतिक गुरू मानते हैं। रूड़ी को नितिन गड़करी समेत तमाम नेता काफी पसंद करते हैं।

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