फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   From Kashmir to Northeast, the aroma of saffron is now underway in Yangyang, Sikkim under the pilot project

कश्मीर से पूर्वोत्तर तक अब केसर की महक, पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिक्किम के यांगयांग में आने लगे हैं फूल

Tue, 10 Nov 2020 04:21 AM IST
Rajeev Rai अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Tue, 10 Nov 2020 04:21 AM IST
विज्ञापन
From Kashmir to Northeast, the aroma of saffron is now underway in Yangyang, Sikkim under the pilot project
कश्मीरी केसर - फोटो : अमर उजाला

कश्मीर घाटी की केसर की महक अब पूर्वोत्तर तक फैलेगी। केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में केसर की खेती के लिए अनुकूलता का पता लगाने के लिए एक परियोजना पर काम शुरू किया था, जो अपने प्रयोग में सफल रहा है। इसके तहत कश्मीर से उत्तर-पूर्व राज्य के सिक्किम के दक्षिणी भाग यांगयांग में केसर के पौधों में अब फूल लग गए हैं।

विज्ञापन


दरअसल, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त निकाय नार्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन एंड रीच (अमृत) ने पूर्वोत्तर में केसर की खेती का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। भारत में केसर उत्पादन लंबे समय से केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र के कुछ भागों तक सीमित रहा है। यहां का पंपोर क्षेत्र कश्मीर के केसर कटोरे के रूप में माना जाता है। कुछ उत्पादन बडगाम, श्रीनगर और किश्तवाड़ में होता है। केसर उगाना कश्मीर के कुछ बहुत ही खास क्षेत्रों तक ही सीमित था, इसलिए इसका उत्पादन भी उतना नहीं बढ़ा। हालांकि, केसर पर राष्ट्रीय मिशन के तहत इसकी खेती को बेहतर बनाने के लिए समय समय पर कई प्रयोग किए गए। इसके बावजूद केसर की गुणवत्ता और मात्रा तो बढ़ी, मगर यह घाटी के कुछ इलाकों तक की सीमित रहा।
विज्ञापन


यांगयांग और कश्मीर घाटी की मिट्टी में समानता
सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के वनस्पति और बागवानी विभाग ने यांगयांग की मिट्टी का परीक्षण किया। यहां की मिट्टी की गुणवत्ता कश्मीर के केसर उत्पादन इलाकों के सामान है। इसके बाद विभाग द्वारा कश्मीर से यांगयांग के लिए केसर बीज खरीदे गए और उन्हें यांगयांग लाया गया। जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां समान होने के नाते यांगयांग में केसर की सफल खेती कर पाने में कामयाबी मिली। इसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य क्षेत्रों में इस परियोजना को लागू कराने के लिए मिट्टी की जांच की जा रही है, ताकि बाकी क्षेत्रों में केसर उत्पादन की संभावनाओं को परख कर उन्हें बढ़ावा दिया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed