{"_id":"6adf3fbb9f4cd2154406f83b","slug":"from-drones-missiles-made-in-india-india-set-dominate-next-phase-of-the-defence-sector-roadmap-is-ready-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्रोन से मिसाइल तक मेड इन इंडिया: रक्षा क्षेत्र के दूसरे चरण में भारत का होगा दबदबा, रोडमैप हो गया तैयार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ड्रोन से मिसाइल तक मेड इन इंडिया: रक्षा क्षेत्र के दूसरे चरण में भारत का होगा दबदबा, रोडमैप हो गया तैयार
Mon, 26 Oct 2026 05:25 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 26 Oct 2026 05:25 PM IST
सार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत अब दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है। इसमें अत्याधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता, लागत-प्रभावशीलता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि इनोवेटर्स की अहम भूमिका होगी और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के लिए समय-सीमा तय करनी चाहिए।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' हासिल करने के भारत के प्रयास अब दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कोशिश में इनोवेटर्स (नवाचार करने वाले) इम्पैक्ट प्लेयर्स की भूमिका निभाएंगे।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
यहां भारतीय नौसेना के वार्षिक सेमिनार 'स्वावलंबन 2026' के पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) में अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने उन विशिष्ट क्षेत्रों के लिए एक रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया जहां आत्मनिर्भरता की आवश्यकता है, साथ ही इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समय-सीमा तय करने की बात भी कही।
आयोजन में कौन-कौन शामिल हुआ?
नौसेना 26 और 27 अक्तूबर को यहां मानेकशॉ सेंटर में अपने प्रमुख सेमिनार के पांचवें संस्करण का आयोजन कर रही है। मंच पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन भी मौजूद थे।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में, इस क्षेत्र ने अपने पहले चरण में अच्छे अंक हासिल किए हैं। अब यह दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' के इस अगले चरण में, ऐसे परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो उच्चतम स्तर के हों और अत्याधुनिक (स्टेट-ऑफ-द-आर्ट) हों।
इसके लक्ष्य क्या है?
दूसरे चरण के प्रयासों का लक्ष्य लागत-प्रभावशीलता, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता, उच्च गुणवत्ता और ऐसे परिणाम प्राप्त करना होना चाहिए जो परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को व्यापक रूप से पूरा कर सकें।सिंह ने यह भी जोर देकर कहा कि इस चरण में इनोवेटर्स (नवाचार करने वाले) इम्पैक्ट प्लेयर्स (महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले) की भूमिका निभाएंगे।
विज्ञापन
राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
यहां भारतीय नौसेना के वार्षिक सेमिनार 'स्वावलंबन 2026' के पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) में अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने उन विशिष्ट क्षेत्रों के लिए एक रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया जहां आत्मनिर्भरता की आवश्यकता है, साथ ही इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समय-सीमा तय करने की बात भी कही।
विज्ञापन
आयोजन में कौन-कौन शामिल हुआ?
नौसेना 26 और 27 अक्तूबर को यहां मानेकशॉ सेंटर में अपने प्रमुख सेमिनार के पांचवें संस्करण का आयोजन कर रही है। मंच पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन भी मौजूद थे।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में, इस क्षेत्र ने अपने पहले चरण में अच्छे अंक हासिल किए हैं। अब यह दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' के इस अगले चरण में, ऐसे परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो उच्चतम स्तर के हों और अत्याधुनिक (स्टेट-ऑफ-द-आर्ट) हों।
इसके लक्ष्य क्या है?
दूसरे चरण के प्रयासों का लक्ष्य लागत-प्रभावशीलता, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता, उच्च गुणवत्ता और ऐसे परिणाम प्राप्त करना होना चाहिए जो परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को व्यापक रूप से पूरा कर सकें।सिंह ने यह भी जोर देकर कहा कि इस चरण में इनोवेटर्स (नवाचार करने वाले) इम्पैक्ट प्लेयर्स (महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले) की भूमिका निभाएंगे।