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CBI का दावा: PF फंड निकालने के लिए जालसाजों ने बदला आधार डाटा, फिर 1.83 करोड़ की हेराफेरी की; एक गिरफ्तार
Mon, 12 Jun 2023 07:53 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 12 Jun 2023 07:53 PM IST
सार
सीबीआई ने कहा कि दिल्ली के मास्टरमाइंड प्रियांशु कुमार ने कथित तौर पर अपने गिरोह की मदद से धोखाधड़ी की साजिश रची, जहां उसने कथित तौर पर उन लोगों को निशाना बनाया जिनके आधार कार्ड उनके पीएफ खातों से जुड़े नहीं थे।
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CBI
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन दावों के जरिए निर्दोष लोगों की भविष्य निधि (पीएफ) निकालने के लिए आधार कार्ड के विवरण में कथित रूप पर छेड़छाड़ करता था। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली के मास्टरमाइंड प्रियांशु कुमार ने कथित तौर पर अपने गिरोह की मदद से धोखाधड़ी की साजिश रची, जहां उसने कथित तौर पर उन लोगों को निशाना बनाया जिनके आधार कार्ड उनके पीएफ खातों से जुड़े नहीं थे।
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सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के 11 सदस्यों को 39 फर्जी दावों के जरिए निशाना बनाया गया और 1.83 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। एजेंसी ने वास्तविक लाभार्थियों के पीएफ खातों से अवैध रूप से धन निकालने के उद्देश्य से पहचान चोरी से संबंधित कथित धोखाधड़ी गतिविधियों से संबंधित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की शिकायत पर 8 फरवरी, 2022 को सात प्रतिष्ठानों और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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आरोप लगाया गया है कि गिरोह ने नागपुर, औरंगाबाद, पटना, रांची जैसे विभिन्न शहरों में कथित तौर पर प्रतिष्ठानों को पंजीकृत किया, जिसमें पीएफ कवरेज बिना किसी मैनुअल सत्यापन के ऑनलाइन ले लिया गया। एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इन प्रतिष्ठानों से जुड़े विशिष्ट खाता संख्या (यूएएन) कुल अंशदायी खातों की तुलना में बहुत अधिक थे।
उनका काम करने का तरीका यह था कि आरोपियों ने कथित तौर पर अपने प्रतिष्ठानों में वास्तविक कर्मचारियों के यूएएन पंजीकृत किए, उन्हें केवल एक दिन के लिए अपने कर्मचारियों के रूप में दिखाया - सिस्टम में शामिल होने और बाहर निकलने की एक ही तारीख दिखाई गई।