{"_id":"6918a2352f9c1fed5e0fa736","slug":"forms-reach-over-95-percent-voters-in-12-states-union-territories-election-commission-provides-update-on-sir-2025-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"SIR: 12 राज्यों-केन्द्रशासित प्रदेशों में 95% से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचे फार्म, EC ने एसआईआर पर दिया अपडेट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SIR: 12 राज्यों-केन्द्रशासित प्रदेशों में 95% से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचे फार्म, EC ने एसआईआर पर दिया अपडेट
Sat, 15 Nov 2025 09:24 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 15 Nov 2025 09:24 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने बताया है कि 12 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में 95% से अधिक मतदाताओं को SIR के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित कर दिए गए हैं। कुल 48.67 करोड़ फॉर्म बांटे जा चुके हैं। दूसरा चरण 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक जारी रहेगा।
विज्ञापन
मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश में मतदाता सूची को और साफ-सुथरा बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव आयोग के अनुसार, नौ राज्यों और तीन केन्द्रशासित प्रदेशों में 5.99 करोड़ मतदाताओं में से 95 प्रतिशत से अधिक को एन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा दिए गए हैं। आयोग का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिमुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
चुनाव आयोग ने अपने दैनिक एसआईआर बुलेटिन में बताया कि कुल 48.67 करोड़ एन्यूमरेशन फॉर्म 12 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में वितरित किए जा चुके हैं। जिन राज्यों में यह अभियान चल रहा है, उनमें झारखंड शामिल नहीं है, लेकिन छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में भी यह प्रक्रिया जारी है।
एसआईआर का दूसरा चरण जारी
एसआईआर अभियान का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू हुआ है और 4 दिसंबर तक जारी रहेगा। यह चरण एन्यूमरेशन स्टेज का है, जिसमें मतदाताओं को फॉर्म दिए जाते हैं ताकि वे अपने विवरण की पुष्टि कर सकें या उसमें सुधार करा सकें। चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह जमीनी स्तर पर की जा रही है, जिसके लिए बूथ-लेवल अफसर लगातार घर-घर जाकर फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं।
विज्ञापन
2026 चुनाव वाले राज्यों की तैयारी
चुनाव आयोग ने बताया कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल 2026 में विधानसभा चुनाव वाले राज्य हैं, इसलिए यहां यह प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, लेकिन वहां मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग से घोषित किया जाएगा। आयोग का मानना है कि 2026 से पहले मतदाता सूची को मजबूत करने से चुनाव प्रक्रिया और सुचारु होगी।
ये भी पढ़ें- साथ उड़े सुखोई और फ्रेंच लड़ाकू विमान, युद्धाभ्यास से भारतीय वायुसेना को मिलेगी नई मजबूती
सभी दलों को पीएम की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों से अपील की थी कि वे चुनाव आयोग के इस विशेष अभियान में पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सभी दल अपने कार्यकर्ताओं की तैनाती हर बूथ पर सुनिश्चित करें ताकि मतदाता सूची में त्रुटियों को हटाने का काम तेजी से हो सके। मोदी ने बिहार के लोगों की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने मतदाता सूची को ‘साफ’ करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
बिहार में एसआईआर को मिला समर्थन
बिहार में एनडीए की बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के मतदाताओं ने एसआईआर अभियान को बड़ा समर्थन दिया है। उनका कहना था कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने का असर चुनावी पारदर्शिता पर सीधा पड़ता है और बिहार के लोगों ने इसे समझदारी से अपनाया है। चुनाव आयोग उम्मीद कर रहा है कि दिसंबर तक यह प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
चुनाव आयोग ने अपने दैनिक एसआईआर बुलेटिन में बताया कि कुल 48.67 करोड़ एन्यूमरेशन फॉर्म 12 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में वितरित किए जा चुके हैं। जिन राज्यों में यह अभियान चल रहा है, उनमें झारखंड शामिल नहीं है, लेकिन छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इसके अलावा पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में भी यह प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन
एसआईआर का दूसरा चरण जारी
एसआईआर अभियान का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू हुआ है और 4 दिसंबर तक जारी रहेगा। यह चरण एन्यूमरेशन स्टेज का है, जिसमें मतदाताओं को फॉर्म दिए जाते हैं ताकि वे अपने विवरण की पुष्टि कर सकें या उसमें सुधार करा सकें। चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह जमीनी स्तर पर की जा रही है, जिसके लिए बूथ-लेवल अफसर लगातार घर-घर जाकर फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं।
विज्ञापन
2026 चुनाव वाले राज्यों की तैयारी
चुनाव आयोग ने बताया कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल 2026 में विधानसभा चुनाव वाले राज्य हैं, इसलिए यहां यह प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, लेकिन वहां मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग से घोषित किया जाएगा। आयोग का मानना है कि 2026 से पहले मतदाता सूची को मजबूत करने से चुनाव प्रक्रिया और सुचारु होगी।
ये भी पढ़ें- साथ उड़े सुखोई और फ्रेंच लड़ाकू विमान, युद्धाभ्यास से भारतीय वायुसेना को मिलेगी नई मजबूती
सभी दलों को पीएम की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों से अपील की थी कि वे चुनाव आयोग के इस विशेष अभियान में पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सभी दल अपने कार्यकर्ताओं की तैनाती हर बूथ पर सुनिश्चित करें ताकि मतदाता सूची में त्रुटियों को हटाने का काम तेजी से हो सके। मोदी ने बिहार के लोगों की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने मतदाता सूची को ‘साफ’ करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
बिहार में एसआईआर को मिला समर्थन
बिहार में एनडीए की बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के मतदाताओं ने एसआईआर अभियान को बड़ा समर्थन दिया है। उनका कहना था कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने का असर चुनावी पारदर्शिता पर सीधा पड़ता है और बिहार के लोगों ने इसे समझदारी से अपनाया है। चुनाव आयोग उम्मीद कर रहा है कि दिसंबर तक यह प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो जाएगी।