Telangana: टीआरएस के पूर्व सांसद डॉ. नरसैय्या ने दिया पार्टी से इस्तीफा, भाजपा में शामिल होने की अटकलें
उन्होंने कहा कि एक राजनेता के रूप में मैं पार्टी (TRS) में अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम नहीं था। उन्होंने (केसीआर ने) हमें परामर्श या सूचित किए बिना बीआरएस शुरू कर दी। इस बात की जानकारी हमें समाचार के माध्यम से मिली। इसलिए हमें पार्टी का एजेंडा नहीं पता।
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तेलंगाना राष्ट्र समिति(TRS) के पूर्व सांसद डॉ. बूरा नरसैय्या गौड़ ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को अपना त्यागपत्र सौंपा है। टीआरएस के पूर्व सांसद ने कहा कि मैंने अपने त्यागपत्र में सीएम केसीआर की आलोचना नहीं की। मैंने केवल तथ्य लिखे हैं। इस परिवार (TRS) से अलग होते हुए मुझे बहुत दर्द हुआ है। मैं निजी संबंधों की वजह से टीआरएस में था, नहीं तो पार्टी बहुत पहले छोड़ देता।
उन्होंने कहा कि एक राजनेता के रूप में मैं पार्टी (TRS) में अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम नहीं था। उन्होंने (केसीआर ने) हमें परामर्श या सूचित किए बिना बीआरएस शुरू कर दी। इस बात की जानकारी हमें समाचार के माध्यम से मिली। इसलिए हमें पार्टी का एजेंडा नहीं पता।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व सांसद जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं। गौड़ पहले ही दिल्ली में भाजपा के तेलंगाना प्रभारी तरुण चुग से कई बार मिल चुके हैं। उन्होंने कल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की थी।
गौड़ को तेलंगाना में एक लोकप्रिय नेता माना जाता है, जिन्होंने अलग राज्य की मांग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सूत्रों की मानें तो उन्होंने केसीआर और उनकी पार्टी से इसलिए किनारा किया, क्योंकि वह पार्टी के भीतर 'अपमानित' महसूस कर रहे थे।
बीजेपी के करीबी सूत्रों ने कहा कि तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, अहंकार और संविधान के खिलाफ बोलने जैसे कई मुद्दे हैं, जिससे जनता केसीआर से तंग आ चुकी है। इस बार जनता के मन में बीजेपी को वोट देने का पूरा भरोसा है। इसके अलावा केसीआर ने 'बंगारू तेलंगाना' के सपनों के नक्शे को पूरा करने का अपना वादा भी पूरा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अपने 'हाथ' के निशान पर लड़ती है, लेकिन चुनाव के बाद केसीआर में शामिल होकर 'कार' पर बैठती है। तो लोग जानते हैं कि कांग्रेस को वोट देने का मतलब टीआरएस को वोट देना है।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी भी जाति संयोजन पर खास ध्यान दे रही है। पार्टी राज्य में जी किशन रेड्डी, डीके अरुणा, जितेंद्र रेड्डी और परमिंदर रेड्डी जैसे नेताओं को बढ़ावा दे रही है। उनके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय, राज्यसभा सांसद के लक्ष्मण और वरिष्ठ नेता इटेला राजेंदर भी पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। सूत्रों ने कहा कि अब बूरा नरसैय्या गौड़ को शामिल करने से गौड़ समुदाय के मतदाता प्रभावित होंगे और यह पार्टी के लिए एक बड़ा बढ़ावा होगा।
विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर हंगामा
आंध्र प्रदेश में जनसेना पार्टी के मुखिया पवन कल्याण आज विशाखापत्तनम पहुंचे। हवाई अड्डे के बाहर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई। उनके समर्थकों ने टीटीडी अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी और वाईएसआरसीपी मंत्री रोजा और जोगी रमेश को घेर लिया और तीन राजधानियों के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें तुरंत तितर-बितर किया।
#WATCH | Andhra: JanaSena Party chief Pawan Kalyan arrived in Visakhapatnam today. Tension prevailed briefly outside airport as his supporters surrounded TTD chairman YV Subba Reddy& YSRCP min Roja&Jogi Ramesh & raised slogans against 3 capitals. Police dispersed them immediately pic.twitter.com/TZgHCQ0eAQ
— ANI (@ANI) October 15, 2022