{"_id":"62200caa3b0046049c6bfdf6","slug":"former-pepsico-ceo-indra-nooyi-said-powerful-men-should-come-forward-to-give-equal-opportunities-to-women","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपील: महिलाओं को समान अवसर देने शक्तिशाली पुरुष आगे आएं, इंद्रा नूई ने कहा- भेदभाव के लिए सत्ता में बैठे लोगों को जिम्मेदार ठहराएं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अपील: महिलाओं को समान अवसर देने शक्तिशाली पुरुष आगे आएं, इंद्रा नूई ने कहा- भेदभाव के लिए सत्ता में बैठे लोगों को जिम्मेदार ठहराएं
Thu, 03 Mar 2022 06:02 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 03 Mar 2022 06:02 AM IST
विज्ञापन
पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूई।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिलाओं को बराबरी का मौका देने की चली आ रही चर्चाओं के बीच पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूई ने कहा, अब समय आ गया है कि शक्तिशाली पुरुष आगे आकर लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं के लिए समान अवसर बनाएं।
विज्ञापन
वे खुद आगे आएं और कहें कि हम महिलाओं को समान अवसर देना चाहते हैं क्योंकि हमारे पास प्रतिभा की कमी है। 'द लेवलिंग टूवार्ड्स एन अनग्रेजुटए वर्ल्ड' थीम पर आयोजित कार्यक्रम में नूई ने कहा कि जब एक बार हम महिलाओं को मौका देते हैं तो फिर उनके साथ भेदभाव क्यों करते हैं? सत्ता में बैठे पुरुषों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। पूर्व सीईओ ने कहा कि मानव संसाधन (एचआर) नीति यह नहीं कहती कि आधी आबादी को बाहर करो। एचआर का मतलब है हर किसी को समान अवसर देना।
विज्ञापन
बच्चे पैदा करना देश की सेवा
उन्होंने कहा कि जब कोई पुरुष काम करने के लिए घर से बाहर जाता है तो उसमें कोई आपत्ति नहीं होती है। लेकिन, जब एक महिला देश के लिए किसी जरूरी काम से बाहर जाना चाहती है तो उसे यह कहकर रोक दिया जाता है या रोकने का प्रयास किया जाता है कि उसके बच्चे भी हैं। बच्चे पैदा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। महिलाएं इसके जरिये देश की सेवा कर रही हैं।
विज्ञापन
हमें सोचना होगा...देश के लिए सबसे अच्छा क्या है
कॉरपोरेट से बिना लैंगिक भेदभाव के नौकरी और समान अवसर देने की अपील करते हुए कहा, अगर आप इसे इस तरह सोचते हैं तो आप उसे कुछ समय खुद के लिए व्यतीत करने और वापस आकर फिर से कंपनी में शामिल होने का समय देंगे। यह एक मानवीय मुद्दा है न कि राजनीतिक। हमें सोचना होगा कि देश के लिए सबसे अच्छा क्या है।
...तो प्रतिभा की होगी कमी
नूई ने कहा, क्या हम अपने आसपास मौजूद सभी प्रतिभाओं को समान मान रहे हैं? क्या हम उन्हें समान अवसर दे रहे हैं? अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो हमारे पास प्रतिभा की कमी होगी। महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश पर कहा कि बच्चे पैदा करना समाज की सेवा है। कंपनियों को बच्चों वाली महिलाओं कोनौकरी से दूर नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे कॉरपोरेट सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा से वंचित हो जाएगा।