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INA: पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश बोले, आईएनए के कारण ही सैनिकों में जागृत हुई राष्ट्रवाद की भावना
Sun, 03 Sep 2023 12:32 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sun, 03 Sep 2023 12:32 AM IST
सार
आईएनए आंदोलन के कारण भारतीय सैनिकों में राष्ट्रवादी झुकाव विकसित हुआ। इसके बाद अंग्रेज सरकार को एहसास हुआ कि अब उनके लिए भारत पर राज करना आसान नहीं होगा। लंबे समय के शासन के बाद उन्हें समझ आया कि अब उनके जाने का समय आ गया है।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस
- फोटो : Social media
विस्तार
भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश का कहना है कि भारतीयों के कारण ही अंग्रेज भारतीय साम्राज्य पर शासन कर सके। पूर्व प्रमुख एडमिरल प्रकाश शनिवार को कोलकाता पहुंचे थे, जहां उन्होंने शरत चंद्र बोस उर्फ सुभाष चंद्र बोस पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, आईएनए के आंदोलन के कारण ही सशस्त्र बलों में भी राष्ट्रवाद की भावना जागृत हुई, जिससे अंग्रेजों को एहसास हुआ कि भारत पर शासन करना अब मुश्किल होगा।
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आईएनए आंदोलन के कारण सैनिकों में राष्ट्रवादी झुकाव
पूर्व प्रमुख प्रकाश ने नेताजी को रणनीतिक दृष्टि वाला एक सैन्य प्रतीक बताया। उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के दोनों ओर से मुक्ति युद्ध की योजना बनाई। अंग्रेज सिर्फ भारतीयों के वजह से ही भारतीय साम्राज्य पर शासन कर सके। आईएनए आंदोलन के कारण ही भारतीय सैनिकों में राष्ट्रवादी झुकाव विकसित हुआ। इसके बाद अंग्रेज सरकार को एहसास हुआ कि अब उनके लिए भारत पर राज करना आसान नहीं होगा। लंबे समय के शासन के बाद उन्हें समझ आया कि अब उनके जाने का समय आ गया है। उन्होंने तत्कालीन वायसराय जनरल वावेल का जिक्र किया, जिन्होंने एक बार लिखा था कि अब आंख बंद करने का कोई फायदा नहीं है कि भारतीय सैनिक अब राष्ट्रवादी बन गई है।
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नेताजी ने कड़ी मेहनत की
इसके अलावा, हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर और नेताजी के पोते सुगत बोस ने कहा कि भारतीय सैनिकों को ब्रिटिश राज ने राष्ट्रवाद से काफी अलग रखा और वे हमेशा इसी बात को सुनिश्चित करते थे। लेकिन नेताजी ने सैनिकों में राष्ट्रवाद की अलख जगाने के लिए कड़ी मेहनत की और अंत में वे इसमें सफल हो गए, जिससे अंग्रेज सरकार की भारत पर पकड़ कमजोर पड़ती गई।
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नेताजी ने जर्मनी में बनाई नई सेना
एडमिरल प्रकाश ने बताया कि बोस ने अफ्रीका से पकड़े गए सैनिकों से जर्मनी में नई सेना बनाई थी। इस नई सेना का मकसद साफ था भूमि या समुद्री आक्रमण। पैराशूट की मदद से उन्होंने पूर्वी भारत के मणिपुर और कोहिमा में अपनी एंट्री की। बाद में भारतीय सशस्त्र बलों ने आईएनए के नारे जय हिंद और 'कदम-कदम बढ़ाए जा' गीत को स्वीकार किया। लेकिन सैन्य इतिहास में शस्त्र बलों ने आईएनए को उचित स्थान देने से कतरा रहे थे। हालांकि, भारतीय सशस्त्र बल अब आईएनए की भूमिका और एक सैन्य प्रतीक के रूप में नेताजी को पहचान रहे हैं।
महू पहुंचे सीडीएस
महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल में प्लेटिनम जुबली समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण संस्थान के अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने समय के साथ नेतृत्व में बदलाव की बात कही। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की महत्वूपर्ण भूमिकाओं को भी साझा किया।