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पटरी पर आते नहीं दिखाई दे रहे हैं भारत-पाकिस्तान के संबंध: शशांक

Wed, 27 Dec 2017 11:49 AM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली 
शशिधर पाठक, नई दिल्ली  Updated Wed, 27 Dec 2017 11:49 AM IST
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Former Foreign Secretary Shashank said India Pakistan relations does not seems to come on track
कुलभूषण जाधव से मुलाकात करतीं उनकी मां और पत्नी - फोटो : BBC
पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच कड़वाहट बढ़ने की संभावना साफ दिखाई दे रही है। पूर्व विदेश सचिव शशांक का कहना है कि आने वाले समय में पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने की पहल तेज कर सकता है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब समेत अन्य हिस्सों में आतंकवाद को बढ़ावा दे सकती है। 
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शशांक का कहना है कि जिस तरह से कुलभूषण जाधव के परिजनों को उनसे मिलने की इजाजत दी गई है, इससे भारत और पाकिस्तान के बीच अच्छे रिश्ते की उम्मीद पालने वालों को भी गहरा झटका लगा है। पाकिस्तान में भी इस मुलाकात को लेकर दो संकेत साफ दिखाई दिए। पहला तो यह कि पाकिस्तान में कानूनी समझ रखने वालों ने मानवता के आधार पर मिलने की इजाजत देने की सोच को आगे बढ़ाया। इसके चलते पाकिस्तान ने मां और पत्नी को मिलने की इजाजत दे दी। 
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लेकिन वहां के हार्डलाइनरों ने अन्य विकल्प को खुला रखा। उन्होंने कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं होने दी, सख्त रवैय्या बनाए रखा, परिजनों को मातृभाषा में बात नहीं करने दिया और सब कुछ बहुत सीमित रखा। कुलभूषण सजा को पाकिस्तान की अदालत ने मौत की सजा सुना दी है। भारत ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय अदालत में चुनौती दी है। ऐसे में पाकिस्तान ने परिजनों से कुलभूषण की मुलाकात करा दी है। संभव है कि आगे कोई और मुलाकात हो और यह भी संभव है कि न हो। वह कुलभूषण को फांसी दे दें।
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इसका क्या असर पड़ेगा
कुलभूषण जाधव से उनके परिजनों की मुलाकात के इस नतीजे से देश में पाकिस्तान विरोधी भावना और बढ़ेगी। पाकिस्तान भी इसकी काट में सीमापार से आतंकियों को मदद देकर भारत में दहशतगर्दी फैलाने की छद्म नीति को तेज कर सकता है। इसके जवाब में भारत को भी कूटनीतिक, सुरक्षात्मक कदम उठाने पड़ सकते हैं। कुल मिलाकर यह दोनों देशों के बीच में कटुता ही बढ़ाने वाला लग रहा है। भारत पाकिस्तान को नजर अंदाज करके दक्षिण एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश तेज कर सकता है। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश के साथ रिश्ते नये आयाम की तरफ बढ़ सकते हैं।

भारत क्या उम्मीद करे?

Former Foreign Secretary Shashank said India Pakistan relations does not seems to come on track
कुलभूषण जाधव से मिलने से पहले उनकी मां और पत्नी
भारत को क्या मिला
भारत को क्या मिला के सवाल पर शशांक कहते हैं कि इस तरह का कुछ होना था। फिलहाल हमें पता चल गया है कि कुलभूषण जाधव पाकिस्तान के पास है। वह जिंदा हैं। अभी पाकिस्तान ने कुलभूषण को फांसी की सजा नहीं दी है। शशांक ने कहा कि भारतीय राजनयिकों को पाकिस्तान से इस तरह का ही सहयोग मिलने की उम्मीद रही होगी।

यही वजह थी कि जब पाकिस्तान ने केवल पत्नी को कुलभूषण से मिलने की इजाजत दी तो भारत ने मां के लिए भी अनुमति मांगी थी। दोनों की मुलाकात राजनयिक की उपस्थिति में कराने की मांग की थी।

क्या पाक के सहयोग के बगैर रुकेगा आतंकवाद?
क्या पाकिस्तान के सहयोग के बिना जम्मू-कश्मीर सीमा पर पड़ोसी देश से होने वाली आतंकियों की घुसपैठ और आतंकवाद को रोका जा सकता है? इस सवाल पर शशांक का कहना है कि अभी पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व से बड़े सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती। शशांक का कहना है कि, 'पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ के साथ भारत यह प्रयोग कर चुका है। लेकिन इसके बाद पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था, सामाजिक संगठन समेत अन्य सैन्य शासन के खिलाफ होते चले गए। इसका लाभ राजनीतिक दलों को मिला।

मौजूदा समय में वहां इंटरनल ब्लीडिंग चल रही है। इसलिए इसे ही चलने देना चाहिए। इसका असर अफगानिस्तान और बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान के रिश्तों पर पड़ेगा। मुझे उम्मीद है कि इसका भारत के पक्ष में संतुलित नतीजा आएगा। रहा सवाल भारत-पाक के बीच रिश्तों में सुधार की संभावना का तो मुझे अभी इसकी कोई उम्मीद नहीं दिखाई देती।' 
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