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पूर्व सीजेआई गोगोई ने रिटायरमेंट के दो दिन बाद खाली किया लुटियंस वाला बंगला
Fri, 22 Nov 2019 08:53 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 22 Nov 2019 08:53 AM IST
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जस्टिस रंजन गोगोई
- फोटो : Social Media
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पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अपने रिटायरमेंट के केवल दो दिन बाद ही दिल्ली के पॉश इलाके में स्थित लुटियंस वाला बंगला खाली कर दिया। सामान्यत न्यायधीशों को रिटायरमेंट के बाद बंगला खाली करने के लिए एक माह का समय दिया जाता है।
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अयोध्या, एनआरसी और तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण मामलों में फैसला सुनाने वाले पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हुए थे। गोगोई को उनके कार्यकाल के दौरान राजधानी दिल्ली के पांच कृष्ण मेनन मार्ग पर बंगला दिया गया था। जिसे उन्होंने सेवानिवृत्ति के दो दिन बाद ही खाली कर दिया।
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बता दें कि जस्टिस रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस शरद अरविंद बोबडे भारत के 47वें प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बने हैं। अयोध्या के अलावा जस्टिस बोबडे और भी कई महत्वपूर्ण मामलों पर फैसला देने वाली पीठ का हिस्सा रह चुके हैं।
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सीजेआई रंजन गोगोई
- जस्टिस रंजन गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 को हुआ था।
- वह देश के 46वें सीजेआई बने। उन्होंने 1978 में बार काउंसिल ज्वाइन की थी।
- जस्टिस गोगोई ने अपने करियर की शुरुआत गुवाहाटी हाईकोर्ट से की। 2001 में वहां जज बने थे।
- 2010 में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में जज बने। फिर 23 अप्रैल 2012 को सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए।
- वह 3 अक्तूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे। 17 नवंबर 2019 को इस पद से सेवानिवृत्त होंगे।
- अयोध्या ममाले के अलावा, एनआरसी व जम्मू-कश्मीर मामले जैसे कई ऐतिहासिक मामलों की सुनवाई की है।