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पूर्व नौकरशाहों का पीएम मोदी को खुला खत, लिखा- आजादी के बाद यह देश का सबसे काला दौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 16 Apr 2018 07:10 PM IST
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Narendra Modi
कठुआ और उन्नाव की घटना पर पूरे देश में आक्रोश है। इस संबंध में देश के पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह देश का सबसे काला दौर है। इस भयानक घटना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराया।
इस पत्र को 49 पूर्व नौकरशाहों के एक समूह ने लिखा है। उन्होंने लिखा कि जिम्मेदारी लेकर कार्रवाई करने के बजाय प्रधानमंत्री ने चुप रहना पसंद किया। उन्होंने अपनी चुप्पी तब तोड़ी जब देश और विदेश दोनों जगहों पर लोगों का गुस्सा हद से ज्यादा बढ़ गया और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। आजादी के बाद के भारत में यह सबसे काला दौर है। एक आठ वर्षीय बच्ची के साथ रेप और निर्मम हत्या से लगता है कि हमारे राजनीतिक दल, सरकार और नेता कितने कमजोर हैं।
पत्र में आगे कहा गया है कि दोनों घटनाएं सामान्य अपराध नहीं हैं। हमें जल्द ही अपने समाज के राजनीतिक और नैतिक ताने-बाने को ठीक करना होगा। यह समय हमारे अस्तित्व के संकट का समय है। इस पत्र में प्रधानमंत्री से कहा गया है कि वो कठुआ और उन्नाव में पीड़ित परिवारों से माफी मांगें और मामलों की फास्ट ट्रैक जांच करवाएं।
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अरुणा रॉय सहित 49 नौकरशाहों ने लिखा है खत
49 नौकरशाहों में पुणे के पूर्व पुलिस आयुक्त मीरान बोरवांकर, प्रसार भारती के पूर्व सीईओ जवाहर सरकार, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर जुलियो रिबेरो, आरटीआई कार्यकर्ता अरुणा रॉय और पूर्व सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और अन्य शामिल हैं।
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इस पत्र को 49 पूर्व नौकरशाहों के एक समूह ने लिखा है। उन्होंने लिखा कि जिम्मेदारी लेकर कार्रवाई करने के बजाय प्रधानमंत्री ने चुप रहना पसंद किया। उन्होंने अपनी चुप्पी तब तोड़ी जब देश और विदेश दोनों जगहों पर लोगों का गुस्सा हद से ज्यादा बढ़ गया और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। आजादी के बाद के भारत में यह सबसे काला दौर है। एक आठ वर्षीय बच्ची के साथ रेप और निर्मम हत्या से लगता है कि हमारे राजनीतिक दल, सरकार और नेता कितने कमजोर हैं।
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पत्र में आगे कहा गया है कि दोनों घटनाएं सामान्य अपराध नहीं हैं। हमें जल्द ही अपने समाज के राजनीतिक और नैतिक ताने-बाने को ठीक करना होगा। यह समय हमारे अस्तित्व के संकट का समय है। इस पत्र में प्रधानमंत्री से कहा गया है कि वो कठुआ और उन्नाव में पीड़ित परिवारों से माफी मांगें और मामलों की फास्ट ट्रैक जांच करवाएं।
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अरुणा रॉय सहित 49 नौकरशाहों ने लिखा है खत
49 नौकरशाहों में पुणे के पूर्व पुलिस आयुक्त मीरान बोरवांकर, प्रसार भारती के पूर्व सीईओ जवाहर सरकार, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर जुलियो रिबेरो, आरटीआई कार्यकर्ता अरुणा रॉय और पूर्व सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और अन्य शामिल हैं।