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India-China Ties: 'दोनों देश संबंधों के सुधार की दिशा में अग्रसर', भारत-चीन रिश्ते पर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे

Fri, 22 Aug 2025 03:02 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 22 Aug 2025 03:02 AM IST
सार

अमेरिका के टैरिफ के बाद भारत-चीन संबंधों में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने इसपर खुशी जताई। साथ ही कहा कि भारत हमेशा से अच्छे संबंध चाहता था। इसके साथ ही भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को उन्होंने बॉउंड्री बताया, जो बातचीत से सुलझ सकती है। 

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Former Army chief Gen MM Naravane Said Very happy India China moving forward on discussing boundary question
 पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (सेवानिवृत्त) - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका के द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद भारत और चीन के बीच के संबंध के बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है। दोनों देशों ने राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कई कदम उठाए हैं जिससे उनके बीच संपर्क और संबंध बेहतर होंगे। इसी बीच इस मामले में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (सेवानिवृत्त) ने गुरुवार अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि भारत और चीन के रिश्ते अब सुधर रहे हैं। नरवणे ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीन भी हमारे सद्भावना का जवाब देगा और हम आगे बढ़ेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन ने हाल ही में शांति बनाए रखने, सीमा पर सहयोग बढ़ाने, सीमा व्यापार खोलने और हवाई संपर्क फिर से शुरू करने के लिए कई अहम घोषणाएं की है।

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सीमा नहीं बॉउंड्री थी, जो बातचीत के लिए खुली- नरवणे
जनरल नरवणे ने आगे कहा कि यह बदलाव किसी मजबूरी के कारण नहीं हुआ, बल्कि भारत हमेशा से चीन के साथ अच्छे संबंध चाहता था। उन्होंने खुशी जताई कि दोनों देश अब सीमा विवाद पर भी बातचीत कर रहे हैं। उनका कहना था कि यह सीमा नहीं बल्कि एक बॉउंड्री है, जो बातचीत के लिए खुली होती है और इसमें समझौता संभव है।

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सीमा पर स्थिति को जल्द सुलझाने पर जोर
जनरल नरवणे ने कहा कि अब सीमा पर दोनों देशों की बड़ी संख्या में सेना तैनात है, जो दोनों देशों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें जल्द इस स्थिति को सुलझाना होगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत और चीन की सभ्यता सदियों पुरानी है और हाल के 60-70 साल मात्र एक छोटा सा हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि 1962 के युद्ध ने रिश्तों को प्रभावित किया, लेकिन यह उतार-चढ़ाव सामान्य हैं और जल्द निपटारा होना चाहिए।

पीएम मोदी के इंटरव्यू का किया जिक्र
इसके साथ ही उन्होंने भारत-चीन सीमा विवाद के लिए 2005 में हुए राजनीतिक और मार्गदर्शक सिद्धांतों के समझौते का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि इसमें ज्यादा प्रगति नहीं हुई, लेकिन बातचीत फिर से शुरू होना आशा की किरण है। इस दौरान जनरल नरवणे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2024 के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि सीमा विवाद को जल्द सुलझाना जरूरी है ताकि दोनों देशों के बीच असामान्यता खत्म हो सके।

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