{"_id":"6417481e01db6eab040e1123","slug":"foreign-lawyers-law-firms-cannot-appear-in-courts-judicial-forum-bci-2023-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"BCI: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा- अदालतों-न्यायिक मंचों में पेश नहीं हो सकते विदेशी वकील, केवल सलाह दे सकेंगे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BCI: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा- अदालतों-न्यायिक मंचों में पेश नहीं हो सकते विदेशी वकील, केवल सलाह दे सकेंगे
Sun, 19 Mar 2023 11:06 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 19 Mar 2023 11:06 PM IST
सार
बीसीआई सचिव श्रीमंतो सेन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, विदेशी वकीलों और कानून फर्मों को अपने मुवक्किलों को केवल विदेशी कानूनों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के बारे में सलाह देने की अनुमति होगी।
विज्ञापन
बार काउंसिल ऑफ इंडिया
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने रविवार को भारतीय वकीलों को आश्वासन दिया कि विदेशी अधिवक्ताओं और कानून फर्मों को किसी भी अदालत या न्यायिक मंच पर पेश होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बीसीआई ने कहा कि वे केवल अपने मुवक्किलों को विदेशी कानूनों और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के बारे में सलाह दे सकते हैं।
विज्ञापन
बीसीआई का यह आश्वासन विदेशी वकीलों और लॉ फर्मों को कुछ क्षेत्रों में वकालत करने की अनुमति देने के उसके हालिया फैसले के बाद आया है, जिस पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आई हैं और 'कुछ गलतफहमियां' भी पैदा हुई हैं। हाल ही में शीर्ष बार निकाय ने विदेशी वकीलों और कानून फर्मों को विदेशी कानून, अंतरराष्ट्रीय कानूनी मुद्दों और मध्यस्थता मामलों जैसे क्षेत्रों में अभ्यास करने की अनुमति देने का एक महत्वपूर्ण फैसला लिया।
विज्ञापन
भारत में विदेशी वकीलों और विदेशी लॉ फर्मों के पंजीकरण और विनियमन के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स, 2022 को अधिसूचित करने के बीसीआई के फैसले पर बार के नेताओं की मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आई।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: SC on AIBE: पांच सदस्यीय संविधान पीठ का अहम फैसला, बीसीआई ही कराएगी अखिल भारतीय बार परीक्षा
इसने एक जारी बयान में कहा, भारत में विदेशी वकीलों और कानून फर्मों के प्रवेश के संबंध में बीसीआई द्वारा हाल ही में प्रकाशित राजपत्र अधिसूचना के बारे में कुछ गलतफहमियां प्रचलन में हैं। इसलिए, बीसीआई इस मुद्दे को स्पष्ट करना, सभी अधिवक्ताओं, आम जनता की जानकारी के लिए निम्नलिखित तथ्यों को रखना उचित समझता है, ताकि किसी भी गलतफहमी या गलत सूचना की कोई गुंजाइश न हो।
बीसीआई सचिव श्रीमंतो सेन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, विदेशी वकीलों और कानून फर्मों को अपने मुवक्किलों को केवल विदेशी कानूनों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के बारे में सलाह देने की अनुमति होगी। इसमें कहा गया है कि विदेशी वकील और कानून फर्म अपने विदेशी मुवक्किलों के लिए ही ऐसे कानूनों के बारे में परामर्श का काम करेंगी और उन्हें केवल गैर-मुकदमेबाजी वाले क्षेत्रों में काम करने की अनुमति दी जाएगी।
इसमें कहा गया है, विदेशी वकीलों और कानूनी फर्मों को किसी भी वैधानिक या नियामक प्राधिकरण या किसी भी मंच के समक्ष किसी भी अदालत, न्यायाधिकरण, बोर्ड में पेश होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसमें कहा गया है कि विदेशी वकीलों का प्रवेश केवल पारस्परिक आधार पर होगा, उन्हें अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता में अपने ग्राहकों के लिए पेश होने की अनुमति दी जाएगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन