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Foreign Donation Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एफसीआरए नवीनीकरण के लिए केंद्र सरकार के पास जाएं
Tue, 25 Jan 2022 07:45 PM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 25 Jan 2022 07:45 PM IST
सार
एनजीओ के वकील ने उन गैर सरकारी संगठनों के एफसीआरए लाइसेंस का विस्तार करने के लिए एक वैकल्पिक निर्देश देने की गुहार लगाई, लेकिन पीठ ने राहत देने से इनकार कर दिया।
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सर्वोच्च न्यायालय: विदेशी चंदा मामला:
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे करीब 6,000 एनजीओ को संरक्षण देने के लिए अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है, जिनके विदेशी चंदा नियमन कानून के तहत पंजीकरण को केंद्र सरकार ने नवीनीकरण करने से मना कर दिया था। जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने हालांकि एनजीओ से कहा कि वह केंद्र सरकार के पास जा सकता है, जो कानून के मुताबिक फैसला लेगी।
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एनजीओ की ओर से पेश वकील संजय हेगड़े ने उन गैर सरकारी संगठनों के एफसीआरए लाइसेंस का विस्तार करने के लिए एक वैकल्पिक निर्देश देने की गुहार लगाई, लेकिन पीठ ने राहत देने से इनकार कर दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि 11,594 एनजीओ ने कटऑफ तिथि के अंदर नवीनीकरण के आवेदन पहले ही दे चुके थे और उनका पंजीकरण आगे बढ़ा दिया गया है।
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मेहता ने ग्लोबल पीस इनिशिएटिव और इस संगठन के संस्थापक डॉ केए पॉल द्वारा दायर याचिका के ‘लोकस’ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ह्यूस्टन की संगठन को इससे चिंतित नहीं होना चाहिए। मेहता ने कहा, मुझे नहीं पता कि इस जनहित याचिका का उद्देश्य क्या है। कुछ तो गड़बड़ है। याचिका में कहा गया था कि जब तक कि कोविड-19 एक ‘अधिसूचित आपदा’ है तब तक पंजीकरण की वैधता बढ़ाई जाए। लाइसेंस रद्द करने से कोरोना महामारी में राहत प्रयासों पर असर पड़ सकता है।
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