फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Foreign citizens can't be kept in Detention center for indefinite time : Supreme Court

विदेशी नागरिकों को अनिश्चितकाल के लिए डिटेंशन सेंटर में नहीं रख सकते : सुप्रीम कोर्ट

Tue, 29 Jan 2019 05:20 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Tue, 29 Jan 2019 05:20 AM IST
विज्ञापन
Foreign citizens can't be kept in Detention center for indefinite time : Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को असम में चालू डिटेंशन सेंटर और पिछले 10 सालों से वहां रखे गए विदेशी नागरिकों की जानकारी देने का निर्देश दिया है। अदालत ने सोमवार को कहा कि लोगों को इसलिए अनिश्चितकाल के लिए डिटेंशन सेंटर में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि सरकार उन लोगों को उनके देश भेजने में विफल रही है।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि अदालत को पता है कि इस तरह के मामले में कूटनीतिक मजबूरी होती है, लेकिन फिर भी अनिश्चितकाल के लिए लोगों को डिटेंशन सेंटर में नहीं रहना पड़े। पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, ‘अगर आप दूसरे देशों को राजी नहीं कर पाते, तो ऐसे में आप लोगों को अनिश्चितकाल के लिए इन केंद्रों में नहीं रख सकते।’ 
विज्ञापन


मेहता ने पीठ से अब तक निर्वासित किए गए लोगों की जानकारी जुटाने के लिए वक्त मांगा और कहा कि विदेशी नागरिकों को उनका देश अपना नागरिक मान चुका है। एक पीआईएल में आरोप लगाया गया है कि असम के डिटेंशन सेंटर में रह रहे लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार ने जानकारी दी है कि ट्रिब्यूनल द्वारा अब तक 986 लोगों को विदेशी करार दिया जा चुका है। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि लोगों को अनिश्चितकाल के लिए डिटेंशन सेंटर में रखना अमानवीय कृत्य है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed