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अर्थव्यवस्था: राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ सीतारमण की बैठक कल, निवेश लाने के तरीकों पर होगी चर्चा
Sun, 14 Nov 2021 08:29 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 14 Nov 2021 08:29 PM IST
सार
इस बैठक का उद्देश्य आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए वर्तमान समय का उपयोग करने के लिए केंद्र के साथ-साथ राज्यों के स्तर से भी प्रयास किए जाने के लिए व्यवस्था तैयार करना है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त सचिवों के साथ बैठक करेंगी। यह बैठक अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए मानकों पर चर्चा करने के लिए की जा रही है। वित्त मंत्रालय के सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा इसे लेकर कहा था कि बैठक कोविड महामारी की दो लहरों के बाद तेजी से पटरी पर लौटती अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि में हो रही है।
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सोमनाथन ने कहा था, 'भारत निवेश के लिए एक आकर्षक स्थान बन रहा है... निजी क्षेत्र की ओर से इसे लेकर सकारात्मक संभावनाएं हैं।' उन्होंने कहा कि भू राजनीतिक विकास और गतिविधियां भी भारत के पक्ष में हैं। वहीं, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा कि बैठक में विचार-विमर्श निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए जमीन और जल के उपयोग पर नियमों को आसान करने पर केंद्रित रहेगी।
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वर्चुअल माध्यम से होगी बैठक, ये अधिकारी-मंत्री भी होंगे शामिल
वित्त मंत्रालय ने इस बैठक को लेकर एक ट्वीट में जानकारी दी। वर्चुअल माध्यम से होने वाली इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और भागवत कराड़ भी हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, राज्यों के मुख्य सचिव और वित्त सचिव भी बैठक में शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि हम पूंजीगत व्यय कर रहे हैं और निजी क्षेत्र की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिल रही है।
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वित्त वर्ष 2020-21 में कोरोना ने पटरी से उतार दी थी अर्थव्यवस्था
वित्त वर्ष 2020-21 कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित रहा था। इस साल देश की अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था ने काफी सकारात्मक रुख दिखाया है और यह 20.1 फीसदी की दर से बढ़ी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार वर्तमान वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में ही 64 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है।